नवरात्रि आते ही गरबा और डांडिया की धूम शुरू हो जाती है। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे लोग मां दुर्गा की भक्ति में झूमते नजर आते हैं। इन आयोजनों में कई नए गानों पर लोग थिरकते हैं, लेकिन एक ऐसा सदाबहार गीत भी है, जिसकी धुन सुनते ही गरबा के मैदान में अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। यह गीत है फिल्म क्रांतिवीर का ‘जय अम्बे जगदम्बे मां’, जो आज भी नवरात्रि के आयोजनों में अपनी खास जगह बनाए हुए है। नाना पाटेकर और डिंपल कपाड़िया पर फिल्माया गया यह गीत भक्ति और जोश का ऐसा संगम है, जो गरबा की रौनक बढ़ा देता है।
साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म क्रांतिवीर के इस लोकप्रिय गीत को तीन गायकों—प्रफुल दवे, सपना अवस्थी और सुदेश भोसले—ने अपनी आवाज दी थी। इसके बोल समीर ने लिखे थे, जबकि संगीत आनंद-मिलिंद ने तैयार किया था। फिल्म में नाना पाटेकर ने प्रताप नारायण तिलक का किरदार निभाया था, जिसकी जिंदगी एक निडर पत्रकार से मुलाकात के बाद नया मोड़ लेती है। तीन दशक से भी ज्यादा समय बीतने के बाद भी ‘जय अम्बे जगदम्बे मां’ नवरात्रि के उत्सवों में अपनी पहचान बनाए हुए है। यही वजह है कि जब गरबा की धुनों के बीच यह गीत गूंजता है, तो भक्त मां की आराधना के साथ पूरे उत्साह में झूम उठते हैं।

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