रायपुर/दिल्ली : महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप ने देश में सट्टेबाज़ी को संगठित अपराध में महत्त्वपूर्ण स्थान दिलाया है,तस्दीक की जाती है,कि कई राजनेताओं के अलावा अखिल भारतीय सेवा से जुड़े करीब आधा दर्जन अधिकारी इस सटोरिए नेटवर्क का संचालन कर रहे थे |
देशभर में अवैध रूप से संचालित महादेव एप्प ऑनलाइन सट्टा से रोजाना होने वाली करोड़ों की कमाई को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए दुबई समेत अन्य खाड़ी देशों में खपाया जा रहा था | छत्तीसगढ़ कैडर के उन आईपीएस अफसरों समेत वर्दी में छिपे सटोरियों के ठिकानों पर सीबीआई ने कुछ माह पूर्व छापेमारी भी की थी,जो पुलिस महकमे के भीतर भी इस कारोबार की जड़े भी मजबूत कर रहे थे |
सूत्र तस्दीक करते है,कि दुबई में बैठे सट्टा प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल और सौम्या चौरासिया समेत आईपीएस अफसरों का गिरोह पुलिस महकमे के जरिए हर माह करोड़ों की रकम की वसूली करते थे | इस रकम का एक बड़ा हिस्सा बतौर चढ़ौतरी आईपीएस अधिकारियों और उनके वर्दीधारी गुर्गो तक पहुँचाया जाता था |
वर्दी में सट्टे की रोकथाम के बजाए उसे अपनी मोटी कमाई का धंधा बनाने वाले इन अफसरों में 2001 बैच के आईपीएस आनंद छाबड़ा,2005 बैच के शेख आरिफ,2007 बैच के प्रशांत अग्रवाल,2013 बैच के आईपीएस अभिषेक पल्लव समेत दर्जन भर से ज्यादा ASP,CSP,DSP थानेदारों और कॉन्स्टेबलों का नाम शामिल बताया जाता है,ED की विभिन्न तफ़्तीश में इन अफसरों की भूमिका भी सामने आई है,हालाँकि,ये अफसर अपने प्रभाव और जोड़-तोड़ से ED की जाँच को प्रभावित करने में कामयाब बताए जाते है |
यह भी तस्दीक की जाती है,कि छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों में महादेव एप्प सट्टा पैनल की एजेंसी सौंपने की जिम्मेदारी रायपुर के तत्कालीन SSP शेख आरिफ के हाथों में सौंपी गई थी | जबकि,ख़ुफ़िया विभाग की कमान संभाल रहे रायपुर रेंज के तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा ITED,CBI समेत अन्य जाँच एजेंसियों,विपक्ष के नेताओं और पत्रकारों की जासूसी कर उनके कॉल टैपिंग और षड्यंत्रों को अंजाम देने में जुटे थे | इसके लिए ख़ुफ़िया तंत्र और निगरानी उपकरणों का बड़े पैमाने पर दुरूपयोग किया जा रहा था |
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के ख़ुफ़िया एंटी सैप्टर वाहनों के जरिए केंद्रीय जाँच एजेंसियों के दफ्तरों में निगरानी रखी जा रही थी | ताकि,छापेमारी की पूर्व सूचना,बघेल गिरोह तक पहुंचाई जा सके | जानकार तस्दीक कर रहे है,कि सीबीआई अब महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप कारोबार में शामिल और अवैध वसूली में जुटे नेताओं और अफसरों पर अपना शिकंजा कस सकती है,उसे सौरभ चंद्राकर से बड़ी लीड मिलने के आसार है|
इधर,रायपुर की विशेष CBI अदालत ने आज बुधवार को सौरभ चंद्राकर की 8 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर कर ली है। उसे आरोपी से दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय ले जाकर पूछताछ करने की अनुमति भी मिल गई है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की वैधता और प्रत्यर्पण की शर्तों को लेकर सवाल उठाए, जबकि CBI ने मामले की गंभीरता और विस्तृत पूछताछ की जरूरत बताते हुए रिमांड की मांग की। जानकारी के मुताबिक,आरोपी से CCTV की निगरानी में पूछताछ होगी,सौरभ को अपने वकील से मिलने की अनुमति भी अदालत ने स्वीकृत की है |
सूत्रों का दावा है,कि रायपुर,मुंबई और दिल्ली से महादेव सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े कई अहम सटोरियों पर भी एजेंसी का शिकंजा कस सकता है| ऑनलाइन बेटिंग ऐप के संचालन, कथित सट्टेबाजी सिंडिकेट, करोड़ों रुपये के आर्थिक लेन-देन और नेटवर्क से जुड़े नेताओं और आईपीएस अधिकारियों का काला चिट्टा सोशल मीडिया में वायरल भी हो रहा है | फ़िलहाल,आरोपी को रायपुर से दिल्ली ले जाने की कवायतें जारी है |
