दिल्ली : महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी और प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को आखिरकार भारत लाया गया है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद सीबीआई की टीम उसे दिल्ली लेकर पहुंची, जहां राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। अब दिल्ली में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे रायपुर लाए जाने की तैयारी है। सौरभ को ओमान में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था और भारतीय जांच एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थीं।
सीबीआई के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क की जांच शुरू होने के बाद से ही सौरभ चंद्राकर फरार था। वह वर्ष 2023 से दुबई में रह रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और संयुक्त अरब अमीरात से ओमान पहुंच गया। खुफिया जानकारी और रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर 8 जुलाई 2026 को ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद भारत सरकार, सीबीआई, ईडी और ओमान के अधिकारियों के बीच प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की गई। सीबीआई की विशेष टीम 1 नवंबर को मस्कट पहुंची और आरोपी को भारत लेकर आई।
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सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बताते हुए सीबीआई और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के दौरान महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियों की पूछताछ में नेटवर्क के संचालन, आर्थिक लेन-देन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और अन्य खेलों पर अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जाती थी। इस नेटवर्क का संचालन विदेशों से किया जा रहा था और भारत के अलग-अलग हिस्सों में फ्रेंचाइजी पैनल तथा शाखाओं का जाल फैलाया गया था। इनके जरिए नए यूजर्स को जोड़ा जाता था और सट्टे की रकम एकत्र की जाती थी। छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। अब सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी के बाद जांच की दिशा और तेज होने की उम्मीद है।

