रायपुर/बिलासपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस और उसकी कार्यवाही आए दिन प्रेस-मीडिया में छाई रहती है,सकारात्मक कार्यवाही से ज़्यादा नकारात्मक क़वायतों के लिए पुलिस महकमा इन दिनों सुर्ख़ियों में है| ताज़ा मामला बिलासपुर का है,यहाँ दो पक्षों के बीच हुए वाद-विवाद में स्थानीय सरकण्डा थाना पुलिस ने एक जज और उनके परिजनों समेत दूसरे पक्ष के खिलाफ FIR दर्ज़ की है | बताया जाता है,कि आधी रात शोर-शराबे के साथ जन्मदिन की पार्टी मना रहे युवकों ने जज दंपती के साथ मारपीट की | मामला इतना तूल पकड़ा की,पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ काउंटर केस दर्ज कर लिया |
बताते है,कि जज ने अपना परिचय भी दिया,लेकिन पुलिस ने उनकी दलीलों को दरकिनार करते हुए,FIR दर्ज़ करने में देरी नहीं की | यह भी बताया जाता है,कि स्थानीय थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के दिशा-निर्देश के तहत दर्ज की गई FIR से स्थानीय थानेदार और पुलिस मुख्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए है | जानकारी के मुताबिक,किसी भी जज के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए अदालत से विधिवत अनुमति लेना जरूरी है | लेकिन,कई थानों में प्रभावशील थानेदारों का बिगूल बज रहा है,प्रेस-मीडिया में सुर्खियां में बटोरने के लिए ऐसे पुलिस अधिकारी कायदे-कानूनों की धज्जियाँ उड़ाने में पीछे नहीं है | इस मामले में भी जानकार तस्दीक कर रहे हैं, कि किसी भी न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने से पहले हाईकोर्ट की अनुमति लेना जरूरी है,लेकिन वाद-विवाद के दौरान शिकायतकर्ता न्यायाधीश ने अपने परिचय के साथ अपराध दर्ज करने योग्य समस्त जानकारी दिए जाने के बावजूद उनकी दलीलों को मौके पर ही ख़ारिज कर दिया गया |
बताते है,कि जज के खिलाफ FIR दर्ज करने से पूर्व स्थानीय थानेदार ने ना तो,वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को घटनाक्रम से अवगत कराया और ना ही अदालत से कोई अनुमति ली |सरकंडा थाना पुलिस ने जज के अलावा उनके परिजनों के खिलाफ भी सीधा जुर्म दर्ज कर लिया। अब मामले के तूल पकडे जाने के बाद सरकंडा पुलिस ने अपनी सफ़ाई में दावा किया है,कि FIR दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं थी कि आरोपी पक्ष जज हैं।
उधर,यह भी तस्दीक की जा रही है,कि जिस स्थानीय थानेदार प्रदीप आर्य के निर्देश पर FIR दर्ज की गई है,उसकी कार्यप्रणाली ना केवल विवादों से घिरी हुई है,बल्कि वे अपने होम टाउन बिलासपुर में ही कई वर्षों से कार्यरत बताए जाते है | उनके खिलाफ बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों को लेकर जांजगीर चांपा में FIR भी दर्ज की गई थी | बावजूद इसके वे अपने कार्यकाल के दौरान हुए तमाम स्थानांनतरण को राजनैतिक जोड़-तोड़ से ख़ारिज करवा कर येन-केन प्रकारेण पुनः बिलासपुर आमद दरज करने में कामयाब रहे है| यह भी बताया जाता है,कि प्रत्येक मौकों पर इस थानेदार को मनचाहे स्थानों में पोस्टिंग दी जाती है |
जानकारी के मुताबिक,बिलासपुर के राजकिशोर नगर स्थित अपने परिजनों के घर पहुंचे महासमुंद कुटुंब न्यायालय के जज प्रफुल्ल कुमार ने आधी रात उस वक्त आपत्ति दर्ज की, जब पड़ोस में जन्मदिन की खुशियां मना रहे कई युवक अत्यंत तेज आवाज में नगाड़ा बजा कर आतिशबाजी करने लगे | शोरग़ुल से परेशान जज और उनके परिजनों ने इस पर युवकों को रोका और अपनी आपत्ति दर्ज कराई | इस बीच दोनों पक्षों के बीच पहले तू-तू,मैं-मैं और फिर मारपीट शुरू हो गई | बताते है,कि आधी रात ऐसे आयोजन के विरोध को लेकर दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक वाद-विवाद हुआ| बताते है,कि घर के बाहर तेज आवाज में नगाड़े बजने और पटाखे फोड़ने का सिलसिला करीब 45 मिनट तक लगातार चला, जिससे परेशान होकर जज जब समझाइश देने नीचे पहुंचे तो दूसरे पक्ष ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की।
यह भी पढ़े - महादेव सट्टा केस में सौरभ चंद्राकर दिल्ली कोर्ट में पेश,ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर की उड़ान,मंगलवार को CBI कोर्ट में पेशी
आरोप है,कि प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ और उसके साथियों ने कुटुंब न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश और परिवार को घेरकर गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों से जमकर मारपीट की। घटना में न्यायाधीश की पत्नी, साला और परिवार के अन्य सदस्य भी वाद-विवाद में शामिल बताए जाते है,घटना 31 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11 बजे राजकिशोर नगर के जूनियर एमआईजी क्षेत्र की बताई जाती है। जानकारी के मुताबिक, जज प्रफुल्ल कुमार सोनवानी महासमुंद के परिवार न्यायालय में पदस्थ हैं और अवकाश लेकर अपने ससुराल बिलासपुर आए थे।
जानकारी के मुताबिक,पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्ष के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया है। सरकण्डा पुलिस के अनुसार, महासमुंद जिला न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी ने रिपोर्ट लिखाई कि 31 अक्टूबर को वे पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने परिवार सहित राजकिशोर नगर जूनियर एमआईजी 5 स्थित ससुराल आए थे। रात 11 बजे उनके परिवार के साथ लोग घर में सो गए थे। उस दौरान की आवाज आने लगी, जो लगातार 45 मिनट तक चलती रही। जिसके कारण घर के लोग जाग गए। श्री सोनवानी स्थिति को देखने के लिए नीचे आ गए। वहां पर गली में युवकों की भीड़ लगी थी। पूछने पर उन्होंने बताया कि वे अभय बरूआ का जन्मदिन मना रहे है |
उधर,पुलिस में दर्ज दूसरे पक्ष की शिकायत के मुताबिक,मगरपारा अम्बेडकर नगर निवासी विनय वैद्य पिता स्व.अशोक वैद्य ने रिपोर्ट लिखाई है,कि वे अपने मित्र रक्तिम सारखेल के साथ अभय बरूआ का जन्मदिन मनाने घटना के दौरान रात 12.15 बजे राजकिशोर नगर स्टेट बैंक के पास गए थे। उनके मुताबिक,सभी लोग अभय बरूआ के परिजन एकत्रित होकर केक काटकर जन्मदिन मना रहे थे। जबकि,कुछ लोग घर के सामने आतिशबाजी कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला जिसका नाम आकांक्षा सोनवानी है व प्रफुल्ल सोनवानी उनके साथ मारपीट करने लगे |
यह भी पढ़े : महादेव सट्टा ऐप केस,सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर CM साय का बड़ा बयान,कहा- जल्द होंगे कई बड़े खुलासे...
पुलिस ने विनय की रिपोर्ट पर आकांक्षा सोनवानी, प्रफुल्ल सोनवानी,अभिषेक भारद्वाज के खिलाफ अपराध क्रमांक 1596/26 धारा 296, 115, 2, 351, 3, 3, 5 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है। जबकि,जज प्रफुल्ल सोनवानी की रिपोर्ट पर प्रॉपर्टी डीलर अभय बरूआ एवं उसके अन्य साथियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115, 2, 296, 3, 5, 351, 3 के तहत जुर्म दर्ज किया है।फ़िलहाल,पुलिस विवेचना जारी है,इस बीच स्थानीय थानेदार की कार्यप्राणाली को लेकर सवाल उठ रहे है | दरअसल,पुलिस की विभिन्न कार्यशालाओं में संवैधानिक पदों पर बैठे अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ FIR दर्ज करने को लेकर कानूनी प्रावधानों से विवेचना अधिकारियों को अवगत कराया जाता है | ऐसे में जज के खिलाफ FIR दर्ज करने का मामला अदालत के अधिकारों पर अतिक्रमण से जोड़कर देखा जा रहा है |
