
रायपुर : नवा रायपुर इलाके में लेयर-3 पर बसे नकटी ग्राम के एक हिस्से को बुलडोजर कार्यवाही के जरिए साफ़ कर दिया गया | बताया जाता है,कि आज सुबह शुरू हुई ”अतिक्रमण हटाओ” कार्यवाही के तहत एक सैंकड़ा से अधिक घरों को तबाह कर दिया गया | इन घरो में निवासरत परिवार पिछले दो दिनों से बारिश के मौसम में बुलडोजर कार्यवाही टालने की गुहार लगाते रहे | लेकिन प्रशासन ने किसी की एक ना सुनी ?

यह भी बताया जाता है,कि ग्राम नकटी के एक बड़े हिस्से में मठ-मंदिरों और ट्रस्ट के अलावा सैंकड़ों एकड़ सरकारी भूमि पर प्रभावशील लोगों ने अपना वैध-अवैध कब्ज़ा जमाया हुआ है| इस इलाके के कई चारागान और जलस्त्रोत से सटी जमीनों पर कांग्रेस के प्रभावशील एक पूर्व विधायक समेत कई भू-माफियाओं का गैर कानूनी कारोबार संचालित है| लेकिन,कथित नेताओं और भू-माफियाओं के कब्ज़े से सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करने के बजाए जरूरतमन्दों को मौके से खदेड़े जाने का मामला स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालियां निशान लगा रहा है|

जानकारी के मुताबिक,नकटी ग्राम के एक छोर में सरकारी भूमि पर कई मजदूरों और खेती-किसानी करने वाले कमज़ोर वर्ग के लोगों ने अपने आवास बना लिए थे| बताया जाता है,कि लगभग 500 की आबादी वाली इस बस्ती में 85 से अधिक घरों को बुलडोजर ने ढहा दिया है| पीड़ित परिवार कई सालों से आबादी पट्टे की मांग कर रहे थे| जबकि,कुछ लोगो ने तो स्थानीय पंचयात के जरिए इंदिरा आवास योजना से अपने घरों को निर्मित किया था|

एक जानकारी में बताया गया है,कि विधायक आवास कॉलोनी के विस्तार के लिए ग्राम नकटी की ज़मीन पर निर्माण कार्य शुरू किया जाना है,इसके चलते प्रशासन ने प्रभावित रहवासियों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी जारी की थी | लेकिन,निर्धारित अवधि के बाद भी ग्रामीणों ने इलाके को खाली नहीं किया था|

लिहाज़ा,सोमवार सुबह शुरू हुई ”अतिक्रमण हटाओ’‘ कार्यवाही प्रभावितों पर भारी गुजरी | भारी संख्या में मौके पर तैनात पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और एक साथ आधा दर्जन बुलडोजर ने देखते ही देखते मात्र 2 घंटे के भीतर पूरी बस्ती साफ़ कर दी | पीड़ित परिवार,रोते-बिलखते नजर आए,उन्होंने नारेबाज़ी कर इस कार्यवाही का विरोध भी किया| लेकिन,मायूसी के अलावा कुछ भी उनके हाथ नहीं लगा |
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सांसद बृजमोहन अग्रवाल के भरोसे के बावजूद गांव वालों में कार्रवाई को लेकर नाराजगी बनी हुई है। तोड़फोड़ के दौरान सामने आई तस्वीरों में कई परिवार अपने घरों से सामान बाहर निकालकर बैठे नजर आए, जबकि कहीं एक बुजुर्ग टूटे हुए मकान के मलबे के बीच मासूम को गोद में लिए बेबस दिखाई दिए।

ग्रामीण तस्दीक कर रहे है,कि ग्राम नकटी समेत आस-पास के सैंकड़ों एकड़ चारागान की जमीन और तालाबों के इर्द- गिर्द की बेशकीमती जमीनों पर कांग्रेस के एक पूर्व विधायक ने कब्जा किया है| यही नहीं,ऐसी जमीनों पर भू-माफियाओं ने प्लॉटिंग कर सैंकड़ो लोगों को चूना लगाया है| उनकी माने तो,उन्होंने बंगाली शरणार्थियों को आबंटित जमीनों पर अपने घर बनाए थे| उनकी मांग है,कि नेताओं के कब्जे से सरकारी जमीनों को मुक्त कराया जाना चाहिए| लेकिन,भरी बारिश में उनके आशियाने तोड़ दिए गए है |

फ़िलहाल,ग्राम नकटी का मामला गरमाया हुआ है| जबकि,अतिक्रमण हटाने के बाद पुलिस और प्रशासन का दस्ता वापसी अपनी राह लौट गया है |





