
रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए अभनपुर में आयोजित 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का समापन किया। 20 जून से 29 जून तक चले इस कार्यक्रम में प्रदेशभर के 41 नव-नियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्षों ने भाग लिया।

अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन पिछले दस दिनों तक संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। इस दौरान जिला अध्यक्षों को संगठन संचालन, जनसंपर्क, जनआंदोलन, नेतृत्व क्षमता और राजनीतिक रणनीति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। उद्देश्य था कि स्थानीय स्तर पर कांग्रेस की मौजूदगी को अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाया जा सके।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शिविर को सफल बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद जिला अध्यक्ष अपने क्षेत्रों में नए दृष्टिकोण के साथ काम करेंगे और प्रदेश में कांग्रेस की नई कार्यशैली दिखाई देगी। उन्होंने भरोसा जताया कि संगठन पहले से अधिक सक्रिय और जनकेंद्रित रूप में नजर आएगा।

इस शिविर की विशेषता यह रही कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी सीधे जिला अध्यक्षों से संवाद किया। 21 जून को राहुल गांधी ने संगठन की मजबूती, बूथ स्तर पर सक्रियता और जनता के बीच लगातार मौजूद रहने पर जोर दिया। उन्होंने नेताओं को आंतरिक खींचतान से दूर रहकर कार्य करने की सलाह भी दी।22 से 26 जून के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख सचिन राव और उनकी टीम ने संगठन प्रबंधन, नेतृत्व निर्माण, जनसंपर्क और राजनीतिक रणनीति पर कई सत्र आयोजित किए।26 जून को प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों और संगठन विस्तार पर विचार साझा किए। वहीं 27 जून को के.सी. वेणुगोपाल ने जिला अध्यक्षों को जवाबदेही और बूथ स्तर तक मजबूत संरचना तैयार करने का संदेश दिया।

28 जून को महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा ने महिलाओं की भागीदारी, सामाजिक न्याय और जनसरोकारों पर चर्चा की। समापन दिवस पर राज्यसभा सांसद और कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक मुद्दों पर पार्टी की रणनीति को जिला अध्यक्षों के सामने रखा।शिविर में शामिल जिला अध्यक्षों ने इसे उपयोगी अनुभव बताते हुए कहा कि इससे संगठन को जनता से जोड़ने और स्थानीय मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने की नई समझ मिली है।राजनीतिक जानकार इस प्रशिक्षण को छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठनात्मक पुनर्गठन और भविष्य की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि जिला स्तर पर इसका असर किस रूप में दिखाई देता है।






