
पणजी/रायपुर/रायगढ़ : पणजी/रायपुर/रायगढ़ : बीच, बीयर और बेटिंग के शोरगुल में गोवा की एक होटल से छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रदेश के चर्चित सटोरियों के हवाला नेटवर्क का खुलासा किया है| कई महीनो से इस होटल में डेरा जमाएं सटोरिए इस बात से बेख़बर थे,कि होटल की दूसरी मंजिल में डटी पुलिस उन पर अपनी पैनी निगाह रखें हुए है| इससे पहले की यह गिरोह कुछ समझ-बूझ पाता,रायगढ़ की पुलिस टीम ने उन्हें धर-दबोचा |

ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के तीन प्रमुख आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया है। इस बीच प्रदेश के चर्चित सट्टा किंग मन्नू नत्थानी का दावा है,कि वे काफी पहले इस कारोबार को छोड़ चुके है,जबकि गिरफ्तार आरोपी दावा कर रहे है,कि वे मन्नू नत्थानी के सिंडिकेट का हिस्सा है और उनके निर्देश पर ही गोवा में डेरा डालें हुए थे| गिरफ्तार आरोपियों में करन चौधरी, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल शामिल बताया जाता है,तमाम आरोपियों को गोवा से रायगढ़ लाने के बाद मामले की विवेचना जारी है| उधर,मन्नू नत्थानी का दावा है,कि कई माह से वे इस कारोबार से दूर है|

उधर,छत्तीसगढ़ पुलिस ने गोवा में आरोपियों की धड़-पकड़ के दौरान 1 करोड़ से अधिक की नगदी समेत नोट गिनने की मशीन और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों से पूछताछ के बाद ब्लैक मनी खपाने का एक सुनियोजित नेटवर्क सामने आया है | इस नेटवर्क में शामिल संदेही कारोबारी और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सुर्ख़ियों में है| पुलिस विवेचना में जुटी है |

रायगढ़ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के मुताबिक,प्रारंभिक जाँच में मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए तक सीमित नहीं,बल्कि बड़े पैमाने पर हवाला के जरिए रोजाना करोड़ों की रकम खपाएं जाने का है|उनकी मानें तो,अवैध लेनदेन,ब्लैक मनी और हवाला नेटवर्क में कई नामी-गिरामी लोगों के नाम सामने आए है,चूकिं जाँच जारी है,इसलिए इन नामों का खुलासा अभी नहीं किया गया है| उन्होंने जानकारी देते हुए बताया,कि गोवा से हालिया गिरफ्तार 3 आरोपियों के पास से 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये,जबकि 26 अप्रैल को इसी गिरोह के आधा दर्जन आरोपियों की गिरफ़्तारी के दौरान उनके पास से करीब ढाई लाख रुपये के मोबाइल और 15 हजार 490 रुपये नगदी जब्त की गई थी|

रायगढ़ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने बताया,कि पूछताछ में कारोबारी मन्नू नत्थानी का नाम सामने आया है|उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है|पुलिस सूत्रों के मुताबिक,हालिया छापेमारी में करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार का नाम ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के कारोबार में सामने आया था| करन चौधरी रायगढ़ से दिल्ली तक ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहा था।जबकि,अन्य सदस्य गोवा से छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों तक सट्टेबाज़ी और हवाला नेटवर्क का संचालन कर रहे थे| सट्टा कारोबार से अर्जित होने वाली रकम व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से हवाला नेटवर्क के इधर से उधर की जाती थी| पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील अग्रवाल इस मनी मूवमेंट नेटवर्क का अहम हिस्सा बताएं जाते है|

यह भी बताया जाता है,कि करन चौधरी की निशानदेही पर कृष्ण प्राइड टावर स्थित फ्लैट से सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद और पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नगदी बरामद हुई| पुलिस ने प्राथमिक जाँच में पाया,कि तमाम आरोपी जांच एजेंसियों से बचने के लिए अपने कर्मचारियों और उनके करीबियों के बैंक खातों का उपयोग भी कर रहे थे।सूत्र तस्दीक करते है,कि फरार आरोपी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार की खोजबीन जारी है। जबकि,सट्टा किंग मन्नू नत्थानी की इस कारोबार से दूरियों की कड़ी खंगाली जा रही है। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा किंग मन्नू नथ्थानी का दावा सबसे दिलचस्प बताया जाता है,कि उनके कारोबार छोड़ने के दावे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

गोवा में पर्यटन की आड़ में सट्टे का बड़ा साम्राज्य स्थापित हो चुका है| कई नामचीन सटोरियों पुलिस से बचने के लिए छत्तीसगढ़ के बजाए गोवा से सट्टा कारोबार का संचालन करना मुनासिफ समझ रहे है| उनके कनेक्शन प्रदेश के गांव-कस्बों तक जुड़े बताए जाते है |‘क्रिकेट बेटिंग टूरिज्म’ में छत्तीसगढ़ के सटोरियों का नया ठिकाना बन चुके गोवा में ग्राहकों को कई प्रकार की सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही है | छत्तीसगढ़ में दबाव बढ़ने पर कई “जमे-जकड़े” सटोरियों ने अब गोवा में अपना नया ठिकाना बना लिया है |

देश-विदेश में क्रिकेट पर सट्टा लगाने वालों की बढ़ती तादाद के चलते यह कारोबार दिन ‘दोगुनी’ रात ‘चौगुनी’ प्रगति कर रहा है | छत्तीसगढ़ से आयातित सटोरियों के लिए यहाँ की पुलिसिंग व्यवस्था भी वरदान साबित हो रही है| पर्यटन और मौज़-मस्ती के नाम पर जहाँ होटलों की बुकिंग जोरों पर है| जबकि,किराए के फ्लैट,होटल और रिसॉर्ट में अपना सेटअप जमाएं सटोरिए बेफिक्री के साथ कारोबार कर रहे है | फ़िलहाल,सट्टे के साम्राज्य से केंद्र और राज्य सरकार को रोजाना करोड़ों का चूना लग रहा है |
क्या बीजेपी का “स्लीपर सेल” हैं बघेल ? कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की साजिश तो नहीं ?






