
रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली पर आए दिन सवाल उठ रहे है| शहर के एचडीएफसी बैंक के सामने लूट कांड,आरोपियों को मिला थाने से बेल के लाभ का मामला इन दिनों सुर्ख़ियों में है |चाकूबाजी और लूटपाट की घटना को अंजाम देने के बावजूद जमानती धाराओं में FIR दर्ज करने के मामले में देवेंद्र नगर पुलिस की कार्रवाई कटघरे में बताई जाती है ?

गंभीर वारदात में हल्की धाराओं में दर्ज आपराधिक प्रकरण को लेकर कमिश्नरी की पुलिसिंग पर भी सवाल खड़े हो रहे है | लूटपाट के आरोपियों को थाने से जमानत का अब एक वीडियो सामने आया है|सोशल मीडिया में वायरल इस CCTV फुटेज में साफ़-साफ़ नजर आ रहा है,कि एक बाइक सवार युवक पर अचानक बदमाशों ने हमला कर दिया|पीड़ित युवक से बैग छीनने के लिए आरोपियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी | वे पीड़ित के साथ मारपीट करने से भी नहीं चूके थे |

रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित HDFC बैंक के सामने अंजाम दी गई,CCTV में कैद यह घटना 2 मई 2026 की बताई जाती है |हालांकि,न्यूज़ टुडे छत्तीसगढ़ इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता| यह भी बताया जाता है,कि चाकू मारकर लूटपाट की वारदात के दौरान पीड़ित युवक गंभीर रूप से चोटिल हो गया था| उसने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई और अपना मेडिकल भी कराया था| लेकिन,देवेंद्र नगर थाने में पीड़ित की फरियाद ”नक्कार खाने” में तूती की आवाज़ की तरह दब कर रह गई|

पीड़ित के मुताबिक,उसकी मेडिकल जाँच रिपोर्ट को नजरअंदाज कर विवेचनाधिकारी ने तमाम आरोपियों के खिलाफ जमानती धाराओं में FIR दर्ज कर उन्हें थाने से ही बेल पर रिहा कर दिया था| पीड़ित युवक अब वीडियो-फुटेज जाहिर कर आलाधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रहा है |

जानकारी के मुताबिक,पंडरी तराई स्थित अशोक विहार कॉलोनी निवासी मोहम्मद अशरफ ने एक पूर्व सहकर्मी एवं उसके साथियों पर बैंक से निकलते ही नोटों से भरा बैग छीनने,मारपीट करने और जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए स्थानीय देवेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 2 मई 2026 को दोपहर लगभग 3:45 बजे कार्यालयीन कार्य से पीड़ित मोहम्मद अशरफ देवेंद्र नगर स्थित एचडीएफसी बैंक गए थे।

उनके मुताबिक,बैंक से निकलते ही उनके पुराने सहकर्मियों ने अचानक उन पर धावा बोल दिया था| उनके मुताबिक,पूर्व कर्मी मोहसिन भाटी जबरन उन्हें एक सुनसान स्थान पर ले जाने के लिए दबाव बनाते रहा| पीड़ित का आरोप है,उसने मारपीट और छीना झपटी की थी | घटना के दौरान मोहसिन भाटी ने अपने दो साथियों फैजान चांगल और मोहम्मद अनस चौहान को मौके पर बुलाया और कथित रूप से उनका कार्यालयीन बैग छीन लिया।

अशरफ की माने तो,उन्होंने अपने परिचित इरफान रिजवी को घटना की जानकारी दी और फिर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी |अशरफ के मुताबिक,तीनों आरोपी युवकों ने उनकी हाथ-मुक्कों और बेल्ट से पिटाई कर लहूलुहान कर दिया था| इससे उनकी कोहनी, सीने, पीठ और पैर में गंभीर चोटें आईं थी| शिकायत में यह भी बताया गया,कि हमले के दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे इरफान रिजवी के साथ भी मारपीट की गई।

शिकायतकर्ता के मुताबिक,इस घटना के दौरान आरोपी मोहसिन भाटी ने अपनी कार से इरफान रिजवी को टक्कर मारी और वाहन चढ़ाकर उन्हें गंभीर रूप से घायल करने का प्रयास किया।यही नहीं,बच निकलने पर वाहन की डिक्की से हथियारनुमा वस्तु निकालकर उन पर हमला किया |

अशरफ की माने तो,पुलिस के सामने CCTV फुटेज का जायजा लेने और मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देने के बावजूद विवेचनाधिकारी ने उनकी एक ना सुनी,बल्कि तमाम आरोपियों को थाने से ही आसानी से जमानत प्रदान कर दी| यह भी बताया जाता है,कि आरोपियों को जमानत का लाभ देने के लिए विवेचनाधिकारी इतने उतावले रहे ,कि उन्होंने पीड़ित की मुलायजा रिपोर्ट ना तो बुलाई और ना ही उस और गौर फरमाना उचित समझा |

उनके मुताबिक,गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज ना होने और आसानी से जमानत मिलने पर आरोपियों के हौसले बुलंद है|गंभीर वारदात, जमानती FIR ? रायपुर पुलिस की कार्रवाई पर आधिकारिक प्रतिक्रिया के लिए हमारे संवाददाता ने स्थानीय थाने के अधिकारियों से संपर्क किया,लेकिन कोई प्रतिउत्तर नहीं मिल पाया |
रायपुर कमिश्नरी सिस्टम पर सवाल ! गंभीर वारदात, हल्की धाराएं,नरमी क्यों ?




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