नई दिल्ली। विशेषज्ञों ने सतत मूल्यांकन और कौशल आधारित प्रश्नों पर जोर दिया। अभिभावक संगठनों ने काउंसलिंग सेवाएँ बढ़ाने की माँग की।

छत्तीसगढ़ के शिक्षाधिकारी ने राज्य स्तर पर पायलट योजनाओं का उल्लेख किया।

अंतिम निर्णय से पहले व्यापक परामर्श जारी रहेगा।