
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने रविवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ दबिश दी। अलग-अलग टीमों ने एक साथ आरोपियों के ठिकानों पर पहुंचकर जांच शुरू की और परिजनों से पूछताछ की। साथ ही आसपास के लोगों से भी बातचीत कर मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई गई। पुलिस टीम अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, टिन्नू यादव समेत अन्य आरोपियों के आवासों पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान घरों की तलाशी ली गई और मौजूद परिजनों के बयान दर्ज किए गए। जांच प्रक्रिया को प्रभावित होने से रोकने के लिए घरों के बाहर पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

जांच एजेंसियां स्थानीय लोगों से भी बयान और उपलब्ध साक्ष्य जुटा रही हैं, ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके। इस मामले में बीते गुरुवार को एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि शुक्रवार को सभी आठ आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। अब पुलिस साक्ष्य जुटाने और विवेचना को आगे बढ़ाने में जुटी है।गौरतलब है कि 6 जून को राम मंदिर की चढ़ावा राशि में कथित चोरी का मामला सामने आया था। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की थी। दो दिन पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी, जिसके आधार पर कार्रवाई शुरू हुई।

मंदिर ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर गणना कार्य से जुड़े कर्मियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर उर्फ टिन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई रामजन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, एसआईटी जांच में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि चढ़ावा गणना प्रक्रिया में शामिल कुछ कर्मियों द्वारा भेंट और चढ़ावा राशि में अनियमितता और चोरी की गई। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू की है।






