
रायपुर : छत्तीसगढ़ में मानसून के रुख का इंतजार अब परेशानी का सबब बनते जा रहा है,जबकि सरकारी महकमों में ट्रांसफर-पोस्टिंग की बयार बहने लगी है । यहां तबादलो के मौसम ने दस्तक दे दी है । इस कड़ी में आदिम जाति विकास विभाग ने दर्जनों अफसरों की पहली तबादला सूची जारी की है।इसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO) समेत 33 अधिकारियों का तबादला किया गया है।
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जारी सूची में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), प्रभारी CEO, सहायक आयुक्त, क्षेत्र संयोजक समेत विभिन्न पदों पर कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर इसकी सूचना विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।

यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य के कई आदिवासी एवं अनुसूचित क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। स्थानांतरण सूची में गरियाबंद, बस्तर, नारायणपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कोरबा, जशपुर, कांकेर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, धमतरी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलरामपुर सहित कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।


उधर, छत्तीसगढ़ में मानसून का इंतजार बेसब्री से जारी है,कभी अल नीनो तो कभी मानसून की आँख मिचौली से लाखों किसान पसोपेश में है। बताया जाता है, कि उन किसानों पर तो पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा है, जिनके स्वयं जल स्रोत है,उनके खेत खलियानों के पर्याप्त व्यवस्था है,जबकि पानी के लिए सिर्फ मानसून पर निर्भर किसानों की मुश्किलें बढ़ गई है। उन्हें सूखे का अंदेशा सताने लगा है। खेतों में खाद और कीटनाशकों की व्यवस्था करने के बाद ऐसे लाखों किसान मानसून की बांट जोह रहे है ।

छत्तीसगढ़ में करीब दस दिनों की धीमी रफ्तार के बाद मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। 30 जून तक मानसून पूरे प्रदेश में फैल चुका है और मौसम विभाग के अनुसार आज से राज्यभर में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। आने वाले एक सप्ताह के दौरान कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग ने कुछ इलाकों के लिए गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है।बीते 24 घंटों की बात करें तो सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश देखने को मिली, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 जून तक प्रदेश में सामान्य रूप से 188 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 66.2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। इस तरह राज्य में सामान्य से 121.8 मिमी कम वर्षा हुई है, जो करीब 65 प्रतिशत की कमी दर्शाती है।हालांकि अब मानसून के पूरे प्रदेश में सक्रिय होने के बाद मौसम विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।







