
भुवनेश्वर: ओडिशा में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आईएचसी ग्रुप कंपनी के सहयोग से राज्य में 11.5 बिलियन डॉलर (करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये) की लागत से देश की सबसे बड़ी एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना स्थापित की जाएगी। इस संबंध में ओडिशा सरकार की औद्योगिक प्रोत्साहन संस्था इपिकोल और आईएचसी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। दो चरणों में विकसित होने वाली इस ग्रीनफील्ड परियोजना में एल्युमिना रिफाइनरी, एल्युमिनियम स्मेल्टर और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग पार्क स्थापित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि यह परियोजना वर्ष 2036 तक समृद्ध और आधुनिक ओडिशा के निर्माण की दिशा में अहम कदम साबित होगी। उनके अनुसार, परियोजना के तहत बॉक्साइट खनन से लेकर एल्युमिनियम उत्पादों के निर्माण तक पूरी वैल्यू चेन विकसित की जाएगी, जिससे राज्य में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। निर्माण चरण में करीब 35 हजार और संचालन शुरू होने के बाद लगभग 18,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस तरह कुल 53,500 से अधिक प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

आईएचसी के मुख्य रणनीतिक अधिकारी पीटर अब्राम ने इसे भारत और यूएई के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निवेश बताया। वहीं, करण अडानी ने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों के चलते ओडिशा अब केवल खनिज उत्पादक राज्य नहीं, बल्कि मूल्य संवर्धित विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ओडिशा को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।







