लखनऊ : हिंदी साहित्य के महान कवि, साहित्यकार और शिक्षाविद पद्म भूषण डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ के सम्मान में उत्तर प्रदेश सरकार ने 12 अक्टूबर 2026 को डाक टिकट जारी किया। इस पहल को हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को याद करने और नई पीढ़ी तक उनकी रचनाओं व विचारों को पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

डॉ. सुमन की कविताओं में देशभक्ति, मानवता, संघर्ष, आशा और आत्मविश्वास की भावना प्रमुखता से दिखाई देती है। उनकी प्रसिद्ध कविता ‘वरदान मांगूंगा नहीं’ आज भी लोगों को कठिन परिस्थितियों में हिम्मत बनाए रखने और चुनौतियों का डटकर सामना करने की प्रेरणा देती है।

डॉ. शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ का जन्म 5 अगस्त 1915 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के झगरपुर गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से हिंदी साहित्य को समृद्ध करने के साथ समाज को नई दिशा देने का प्रयास किया।

साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। उनकी कविताएं आज भी पाठकों के मन में देश प्रेम, मानवीय संवेदना और आत्मविश्वास का भाव जगाती हैं। उनके नाम पर डाक टिकट जारी किया जाना उनके साहित्यिक योगदान को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।