दिल्ली/रायपुर :  एक आया, दूसरा भी आएगा ? इस रहस्य से भी अचानक पर्दा हट गया है | दुबई से सौरभ चंद्राकर के बाद अब महादेव बेटिंग ऐप के  को-फाउंडर रवि उप्पल को भारत लाने की तैयारी तेज हो गई है | इसके लिए केंद्रीय गृह और विदेश मंत्रालय समेत इंटरपोल ने अपनी प्रक्रिया शुरू कर दी है,दावा किया जा रहा है,कि सौरभ चंद्राकर की 8 दिनों की सीबीआई रिमांड ख़त्म होने से पूर्व रवि उप्पल रायपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में नज़र आ सकता है ? एजेंसियों ने इस सिलसिले में वैधानिक प्रक्रियाओं को अमल में लाया है |

 महादेव एप्प ऑनलाइन सट्टा कारोबार के सिलसिले में सीबीआई के धर-पकड़ अभियान ने अचानक जोर पकड़ लिया है,दिवाली धमाके की तर्ज़ पर एजेंसी को महादेव बेटिंग एप्प के तमाम धुरंधर हाथों-हाथ मुहैया हो रहे है | बताते है,कि सौरभ चंद्राकर से जारी पूछताछ के दौरान बेटिंग एप्प के ''को-फाउंडर रवि उप्पल'' को दुबई से गिरफ्तार करने में एजेंसी को बड़ी कामयाबी मिली है,आसार जाहिर किए जा रहे है,कि "घर वापसी अभियान" के तहत जांच एजेंसियों ने बेटिंग एप्प के तमाम  धुरंधरों को अपनी गिरफ़्त में लेना शुरू कर दिया है |

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सौरभ चंद्राकर के रायपुर से दिल्ली की उड़ान भरते ही,पूर्व मुख्यमंत्री बघेल गिरोह के ''बेड़े" में भी हलचल तेज़ देखी जा रही है | तस्दीक की जा रही है,कि पूर्व मुख्यमंत्री के गृह नगर भिलाई-दुर्ग में कानून के जानकारों का जुटना शुरू हो गया है,आरोपियों की रणनीति से जुड़ी इन बैठकों में छत्तीसगढ़ कैडर के उन आईपीएस अधिकारियों की उपस्थिति भी दर्ज़ बताई जाती है,जो देश-प्रदेश में सट्टा कारोबार के संचालन के लिए सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल की ''निजी सेवा" में तैनात थे | इन आईपीएस अधिकारियों के अलावा ASP-DSP और थानेदार स्तर के अफसरों ने भी इधर-उधर फैली अपनी नामी-बेनामी संपत्तियों को अचानक ठिकाने लगाना शुरू कर दिया है |

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यह भी बताया जाता है,कि पुलिस महकमे के भीतर महादेव बेटिंग एप्प कारोबार संचालन और इसके विस्तार के लिए ''पैनल'' मुहैया कराने वाले पुलिस अधिकारियों ने सीबीआई की पूर्व में पेश की गई,चार्जशीट का बारीकी से अध्ययन करना भी शुरू कर दिया है | अदालत में विभिन्न आरोपियों के खिलाफ  जांच एजेंसियों द्वारा अब तक  पेश  की गई चार्जशीट में ना तो,पुलिस के सटोरिए अफसरों का कोई ब्यौरा शामिल किया गया है,और ना ही इन दागी पुलिस कर्मियों के ठिकानों में सीबीआई छापेमारी का उल्लेख किया गया है | ऐसे में एजेंसी के रुख़ को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री बघेल गिरोह के "बेड़े" में बेचैनी बनी हुई है |

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 सूत्र दावा करते है,कि 2005 बैच के आईपीएस शेख आरिफ,2007 बैच के प्रशांत अग्रवाल और 2001 बैच के आईपीएस आनंद छाबड़ा ने अपने-अपने '' चार्टर्ड अकाउंटेंट"(CA) के जरिये नामी-बेनामी संपत्ति को वैधानिक दायरे में लाए लाने की कवायतों को हाल ही के महीनों में ''अमली जामा'' पहनाया है,ऐसी संपत्तियों को वैधानिक करार देने के लिए दस्तावेजों में भारी हेर-फेर किया गया है |

यह भी बताया जाता है,कि बेटिंग एप्प से आकुत (बेहिसाब) संपत्ति अर्जित करने के उपरांत दागी अफसरों ने महकमे के भीतर ख़ुद को निर्दोष साबित करने के लिए अपनी-अपनी गोपनीय चरित्रावली (CR ) भी अपने अनुसार ''ग्रेड-A'' में दर्ज़ कराई है,इसके लिए कुछ प्रभावशील अधिकारियों को ''मोटी रक़म'' के भुगतान की चर्चा जोरों पर है | तस्दीक की जाती है,कि वर्दी में सट्टे की रोकथाम करने के बजाए दागी अफसर सटोरियों से ''सांठ-गांठ'' कर कांग्रेस कार्यकाल के पूरे 5 बरस तक अपनी तिजोरियाँ भरते रहे | सट्टे की कमाई पर आश्रित इन अफसरों की   गोपनीय चरित्रावली (CR ) में काले कारनामों का उल्लेख ना किए जाने का मामला गंभीर अपराध के दायरे में बताया जा रहा है|

यह भी पढ़े : जूस के धंधे से लेकर अरबों का महादेव एप्प ऑनलाइन सट्टे तक का सफ़र,अब किस-किस का जूस निकालेगा सौरभ चंद्राकर ? यही नहीं,ऐसे दागी पुलिस अफसरों को प्रशासनिक और राजनैतिक रूप से मिल रहे संरक्षण को लेकर जाँच एजेंसियों की विवेचना पर भी सवाल खड़े हो रहे है ? गौरतलब है,कि विधानसभा चुनाव 2023 में पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी राज्य इकाई के तमाम नेताओं ने महादेव बेटिंग एप्प कारोबार में शामिल दागी पुलिस अफसरों समेत तत्कालीन मुख्यमंत्री "भू-PAY" बघेल के खिलाफ कड़ी कार्यवाही का एलान किया था | 

सत्ताधारी दल बीजेपी ने तो बाकायदा अपने पार्टी घोषणा पत्र में दागी पुलिस अफसरों की तस्वीरें तक सांझा की थी,इन्हे सबक सिखाने का वादा भी किया गया था | बीजेपी के सत्ता में आने के लगभग 3 साल पूरे हो रहे है,लेकिन राज्य सरकार ने दागी पुलिस अफसरों के साथ कोई वैधानिक कार्यवाही नहीं की ? यहाँ तक की,सीबीआई की छापेमारी के बावजूद पुलिस मुख्यालय ने संदेही अफसरों को "कारण बताओ" नोटिस तक जारी नहीं किया | ऐसे में महादेव एप्प सट्टा घोटाले के असली धुरंधरों की गिरफ्तारी की मांग भी शुरू हो गई है | बताते है,कि बीजेपी के कई नेताओं ने अपने वरिष्ठों को 3 साल पहले जारी हुए पार्टी घोषणा पत्र के बिंदुओं से अवगत कराना शुरू कर दिया है | 

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बताते है,कि महादेव सट्टा ऐप के 'खिलाड़ियों' की घर वापसी से पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई अफसरों की नींद उड़ा दी है | महादेव ऐप के मुख्य किरदारों का विदेश में खेल खत्म ? होने के बाद देश के भीतर बैठे ''सफ़ेद पोश -खाकी वर्दीधारी" नुमाइंदों पर आख़िर कब कसेगा शिकंजा ? मामले में माथापच्ची का दौर जारी है | बताते है,कि महादेव के 'दो धुरंधर' सौरभ चंद्राकर- रवि उप्पल जल्द ही एजेंसियों के गलियारे में आमने-सामने होंगे ? आसार जाहिर किए जा रहे है,कि सौरभ-रवि उप्पल की वापसी के बाद कांग्रेस के कई नेताओं के घर-आंगन में महादेव सट्टा एप्प केस का घमासान मच सकता है ?