छत्तीसगढ़ में नवरात्रि के साथ गरबा आयोजनों की तैयारियां तेज हो गई हैं, लेकिन इस बार आयोजन शुरू होने से पहले ही प्रवेश और धार्मिक मर्यादा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि अगर वे गरबा में शामिल होते हैं तो पहले आयोजन समिति की अनुमति लें और अपनी वास्तविक पहचान के साथ प्रवेश करें। उन्होंने गरबा को धार्मिक आयोजन बताते हुए इसकी परंपराओं और निर्धारित नियमों का पालन करने की बात कही है। साथ ही गलत नाम या पहचान छिपाकर प्रवेश करने वालों के खिलाफ शिकायत और एफआईआर की बात भी कही है। उनका कहना है कि गरबा मनोरंजन या पर्यटन का आयोजन नहीं, बल्कि धार्मिकआस्था से जुड़ा कार्यक्रम है।



वहीं बजरंग दल ने गरबा आयोजनों को लेकर प्रशासन के सामने सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़ी कई मांगें रखी हैं। रायपुर जिला संयोजक भूषण साहू के मुताबिक पंडालों में पहचान जांच, सीसीटीवी कैमरे, महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और अलग प्रवेश-निकास व्यवस्था होनी चाहिए। संगठन ने गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था तय करने की मांग की है। इसके अलावा आपत्तिजनक गानों और गतिविधियों पर रोक, आग और बिजली से सुरक्षा, इमरजेंसी एग्जिट, प्राथमिक उपचार और पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। संगठन ने यह भी कहा है कि किसी विवाद या छेड़छाड़ की स्थिति में आयोजक या भीड़ खुद कार्रवाई न करे, बल्कि तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी जाए।