छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की करीब 9 करोड़ 6 लाख रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। ED का दावा है कि शराब सिंडिकेट से जुटाए गए 860 से 880 करोड़ रुपये रायपुर के शंकर नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन तक पहुंचाए गए थे और इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी रामगोपाल अग्रवाल कर रहे थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, शराब सिंडिकेट से मिलने वाली नकदी रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर राजीव भवन पहुंचाई जाती थी, जहां उनके साथ काम करने वाले अकाउंटेंट को रकम सौंपे जाने का आरोप है। रामगोपाल अग्रवाल को 11 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं।
ED के अनुसार, वर्ष 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ में शराब सिंडिकेट के जरिए 2 हजार 883 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई की गई। एजेंसी का दावा है कि इस रकम में देशी शराब की सप्लाई, बिना हिसाब की शराब की बिक्री, डिस्टिलरी संचालकों से कथित कमीशन और विदेशी शराब के लाइसेंस से जुड़ी व्यवस्था शामिल थी। रामगोपाल अग्रवाल के रायपुर स्थित अनुपम नगर और कटोरा तालाब के दो फ्लैट अटैच किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 9 करोड़ 6 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई के बाद मामले में अटैच, जब्त या फ्रीज की गई संपत्तियों का आंकड़ा 610 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। फिलहाल ED कथित अवैध लेनदेन और इससे लाभ उठाने वाले अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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