रायपुर : - छत्तीसगढ़ में आज शुक्रवार की सुबह कोल लेवी और CSMCL घोटाले में शामिल संदेहियों के ठिकानों पर ED और  EOW-ACB की संयुक्त छापेमारी से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री ''भू -PAY बघेल'' पर एजेंसियों का शिकंजा तेजी से कस रहा है, जल्द ही घोटालो का मुख्य सरगना ''हवालात '' में नजर आएगा।

इस कार्रवाई में एक चर्चित सराफा कारोबारी के रिश्तेदारों के ठिकाने भी छापेमारी जारी है। 

एजेंसी ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए लगभग दर्जन भर ठिकानो में छापेमारी की है, इसमें रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, गरियाबंद और राजिम शामिल हैं, प्रमुख रूप से ढेबर बंधुओं के ठिकाने भी शामिल बताये जाते है। यह भी बताया जाता है कि एक साथ कई स्थानों पर एजेंसियों की टीमें कोल लेवी और CSMCL घोटाले से जुड़े प्रकरणों की जांच में जुटी है।

3500 करोड़ के शराब घोटाले में कारोबारी अनवर ढेबर कुछ माह पूर्व ही जमानत पर रिहा हुए थे, वह पूर्व महापौर एजाज ढेबर के बड़े भाई हैं। शराब के अलावा कोल लेवी समेत कई घोटालों की रकम खपाने या फिर उसे इधर से उधर करने के मामलों में अनवर ढेबर का नाम सामने आया था। रायपुर के VIP स्टेट स्थित रियल एस्टेट कारोबारी सुदर्शन शर्मा के घर EOW की टीम पहुंची है। टीम घर में दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की जांच कर रही है।

 छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC), कोल और शराब घोटाले से जुड़े कई मामलों में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीमें भी अलग-अलग प्रकरणों की जांच कर रही हैं।  हालांकि, कार्रवाई में क्या-क्या मिला है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। 

कोल लेवी मामला छत्तीसगढ़ के चर्चित आर्थिक अपराध मामलों में शामिल है। इस मामले में कोयला परिवहन के दौरान अवैध वसूली के कई मामले सुर्खियों में आये थे। अलग-अलग जगहों पर जांच जारी है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी ? फिलहाल ED और EOW की कार्रवाई को लेकर एजेंसियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही छापों के दायरे और बरामद दस्तावेजों या अन्य सामग्री की जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।