छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ससुर की हत्या के मामले में अदालत ने बहू और उसके प्रेमी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के खड़ेनाडीह गांव का है, जहां गीता निर्मलकर ने अपने प्रेमी लेखराम निषाद के साथ मिलकर अपने ससुर मनोहर निर्मलकर की करंट लगाकर हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि लेखराम हारमोनियम सिखाने के बहाने अक्सर रात में घर आता था, जिसका मनोहर विरोध करते थे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और दोनों ने हत्या की साजिश रच डाली। वारदात के बाद बहू ने ससुर की मौत को साइकिल से गिरने का हादसा बताकर मामले को छिपाने की कोशिश की, लेकिन अंतिम संस्कार से पहले शव पर चोट के गहरे निशान देखकर ग्रामीणों को शक हो गया और उन्होंने पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिस जांच में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से करंट लगने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। मामले में बिजली का तार, रबर के दस्ताने, खून लगा गमछा और मोबाइल फोन समेत कई अहम साक्ष्य जब्त किए गए, जिनके आधार पर गीता और लेखराम को गिरफ्तार किया गया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इस तरह हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश जांच में सामने आए साक्ष्यों के चलते नाकाम हो गई।

टिप्पणियाँ (0)