बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बुधवार को आए इस तूफान के चलते अब तक तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 31 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। तेज हवाओं की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जबकि झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चले। तूफान के खतरे को देखते हुए 57 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। कई इलाकों में बिजली के खंभे उखड़ गए, पेड़ गिर गए और काकीनाडा में समुद्र की ऊंची लहरों से तटीय सड़कों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर 50 से अधिक ट्रेनें और 21 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।

राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की 39 टीमें तैनात की गई हैं, जबकि आंध्र प्रदेश के 20 जिलों में 2,131 चक्रवात आश्रय केंद्र सक्रिय किए गए हैं। विशाखापट्टनम समेत उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, तट से गुजरने के बाद तूफान कमजोर पड़ रहा है और इसके गहरे अवदाब में बदलने की संभावना है। हालांकि, इसके प्रभाव से ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।