दिल्ली/भुवनेश्वर/चेन्नई/विशाखापट्नम : बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान अर्नव ने देश के आधा दर्जन राज्यों में कोहराम मचा दिया है,सबसे ज्यादा आंध्र प्रदेश के तट पर तबाही का आलम नज़र आ रहा है | आज 28 अक्टूबर 2026 की अलसुबह करीब 3.30 बजे अर्नव समुद्र से जा टकराया | लैंडफॉल के वक्त 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने से आसमानी गर्जना ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए।इसके साथ ही देश के तमाम तटीय इलाकों में समुद्र की लहरे 20 फुट से अधिक ऊंचाई तय कर भयावह मंज़र पैदा कर रही थी |अर्नव के समुद्रीय तटों से टकराने की प्रक्रिया जारी रहने के बीच तेज हवाओं और भारी बारिश से तटीय इलाकों में जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है |
कई जगह पेड़-पौधे,होडिंग्स-बैनर,छतों पर पानी की टंकियां उखड़ गई हैं, बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं और सड़कों पर पानी भरने से आवाजाही बाधित होने से आवागमन भी ठप्प दिखाई दे रहा है | अर्नव चक्रवात ने लोगों की करीब 10 साल पहले आए ''हुद-हुद'' तूफ़ान की यादों को तरोताज़ा कर दिया है | हालाँकि,इस बार केंद्र और राज्य सरकारों के बेहतर समन्वय के कारण लोगों को कम से कम समस्या का सामना करना पड़ा है | तूफ़ान की आहट सुनाई देते ही,ज्यादातर इलाकों में इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट मोड़ पर रखा गया था | जबकि,एक बड़ी आबादी को समय पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन कामयाब रहा |
तस्दीक की जाती है,कि आपात स्थिति को भांपते हुए,कम से कम इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है,रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द कर लोगों को मौसम के रुख से आगाह किया है | छत्तीसगढ़,बिहार,यूपी समेत मध्य प्रदेश के कई इलाकों तक "अर्नव तूफान" के ''इफ़ेक्ट एवं साइड इफ़ेक्ट'' नज़र आ रहे है | भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, तूफान का केंद्र तट के बेहद करीब है,इसके तट पार करने की प्रक्रिया के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही है,जबकि झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है | तूफान का जबरदस्त असर काकीनाडा, विशाखापट्टनम, अनाकापल्ली और कोनसीमा सहित तटीय क्षेत्रों में देखा जा रहा है |
चक्रवात अर्नब का खौफनाक असर आंध्र प्रदेश के कई जिलों में देखा जा रहा है | यहाँ पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए है,मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है और राहत-बचाव दलों को सतर्क रखा गया है। राज्य के ज्यादातर जिले अलर्ट मोड़ पर है,यहाँ अभी भी भारी बारिश का खतरा बना हुआ है | बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश से सटे तमाम तटीय इलाकों का मिजाज बिगाड़ दिया है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण इन इलाकों में शहरों से लेकर गांव कस्बों तक पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और खाने-पीने की व्यवस्था की है।
आंध्र प्रदेश और पड़ोसी ओडिशा में कुल मिलाकर एक लाख 80 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।इन इलाकों में कई ट्रेनें और हवाई उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं। आंध्र-ओडिशा में करीब 4,000 शेल्टर बनाए गए हैं।विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों पर मंगलवार और बुधवार को 21 उड़ानें रद्द कर दी गईं।आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश शुरू हो गई है। समुद्र में नौकाएं ले जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। स्कूल भी बंद हैं।मौसम विभाग ने तेलंगाना, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, बिहार और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अंडमान-निकोबार सहित तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भी चक्रवात के प्रभाव से भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। गंजाम, गजपति, कोरापुट, मलकानगिरी और नबरंगपुर समेत कई इलाकों में मौसम को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। तेज तूफान के कारण पेड़ उखड़ने, बिजली की लाइनें टूटने और सड़कें जलमग्न होने से सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं | एहतियात के तौर पर संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रशासन की प्राथमिकता निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखना है | केंद्र सरकार और मौसम विभाग ने पहले ही आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ तथा कुछ अन्य राज्यों में संभावित बारिश और तूफानी असर को देखते हुए प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए थे। फ़िलहाल,अर्नव तूफ़ान का कहर जारी है |

टिप्पणियाँ (0)