छत्तीसगढ़ के दुर्ग में विदेशी नागरिकों की पहचान और दस्तावेजों की पड़ताल के बीच पुलिस ने बांग्लादेश की रहने वाली रीना अख्तर को देश वापस भेज दिया है। बताया जा रहा है कि महिला वर्ष 2017 से दुर्ग में रह रही थी और इस दौरान उसने दुर्ग के साथ रायपुर में भी समय बिताया। जुलाई 2026 में गिरफ्तारी के बाद उसे रायपुर जेल में रखा गया था। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर 23 अक्टूबर को दुर्ग पुलिस की टीम ने खुफिया विभाग और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सहयोग से उसे बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई पूरी की। महिला यहां सिलाई-कढ़ाई और घरेलू काम करके अपना गुजारा करती थी।
भारतीय दस्तावेजों पर पुलिस की नजर, संबंधित विभागों से मांगी जा रही जानकारी
इस मामले में अब रीना अख्तर के आधार कार्ड और राशन कार्ड समेत अन्य भारतीय दस्तावेज जांच के दायरे में हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये दस्तावेज किस आधार पर और किन परिस्थितियों में जारी किए गए थे। दुर्ग के एएसपी सिटी शोभराज अग्रवाल के अनुसार, दस्तावेजों को नियमानुसार निरस्त करने के लिए संबंधित विभागों के साथ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने जिले में रहने वाले लोगों से भी अपील की है कि किसी विदेशी नागरिक के अवैध रूप से रहने या फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की जानकारी मिलने पर सूचना दें। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1905 जारी किया गया है।

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