छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दशहरे को लेकर उत्साह चरम पर है। विजयादशमी के मौके पर शहर के अलग-अलग मैदानों में रावण दहन के साथ भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और आतिशबाजी की तैयारियां की जा रही हैं। सबसे बड़ा आयोजन डब्ल्यूआरएस मैदान में होगा, जहां 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। आयोजकों को इस कार्यक्रम में करीब पांच लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, बूढ़ापारा के सप्रे स्कूल मैदान में 50 फीट ऊंचे रावण का दहन होगा, जबकि बोरियाखुर्द मैदान में रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले भी जलाए जाएंगे। इन आयोजनों में रामलीला, भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और रंग-बिरंगी आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल, रोशनी और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है।

एक तरफ दशहरे के आयोजन भव्य बनाने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ महंगाई ने पुतला निर्माण का खर्च बढ़ा दिया है। कारीगरों के मुताबिक, बांस, कागज, कपड़े, रंग और सजावट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की कीमतें बढ़ने से इस साल रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बनाने की लागत में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। पुतलों की ऊंचाई बढ़ने के साथ सामग्री, मजदूरी और आतिशबाजी पर होने वाला खर्च भी बढ़ जाता है। शहर के रावणभाठा और बीटीआई मैदान सहित अन्य स्थानों पर भी दशहरा उत्सव की तैयारियां जारी हैं। ऐसे में रायपुर में इस बार दशहरे पर एक ओर भव्य आयोजनों की रौनक देखने को मिलेगी, तो दूसरी ओर महंगाई का असर त्योहार की तैयारियों के बजट पर भी साफ नजर आएगा।