रायपुर : राजधानी रायपुर में जमीन के कारोबार से जुड़ा पुराना विवाद अब गंभीर आपराधिक मामले में तब्दील हो गया है। 62 वर्षीय जमीन कारोबारी बलिराम धरमानी ने अनवर ढेबर, कुबेर राठी समेत छह लोगों पर चार करोड़ रुपये की कथित मांग, ब्लैकमेलिंग, मारपीट और परिवार सहित जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। कालीबाड़ी निवासी धरमानी की शिकायत पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
FIR में अनवर ढेबर, कुबेर राठी के अलावा संदीप अग्रवाल,आसिफ मेमन, नागेंद्र पांडेय और विवेक जोशी उर्फ मोंटी जोशी के नाम शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2), 351(3), 296, 115(2), 61(2) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीन विवाद को आधार बनाकर उन पर चार करोड़ रुपये देने का दबाव बनाया गया। रकम नहीं देने पर कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग, मारपीट और परिवार को जान से खत्म करने की धमकियां दी गईं।
शिकायत के मुताबिक, इस पूरे विवाद की शुरुआत वर्ष 2018 में हुए एक जमीन सौदे से हुई थी। बलिराम धरमानी ने बोरड परिवार की लाभांडी स्थित करीब 2.60 लाख वर्गफीट जमीन का सौदा किया था। इसमें से लगभग 40 हजार वर्गफीट जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम कराई गई थी, जबकि शेष जमीन के लिए एग्रीमेंट हुआ था। हालांकि, बाद में बोरड परिवार के सदस्यों के बीच आपसी विवाद के चलते बाकी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। इसके बाद सौदे को लेकर विवाद गहराता चला गया।
आरोप है कि इसी पुराने जमीन विवाद को आधार बनाकर धरमानी से चार करोड़ रुपये की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रकम नहीं देने पर उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। FIR में लगाए गए आरोपों की सत्यता और पूरे घटनाक्रम में प्रत्येक आरोपी की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब इस मामले में पुलिस की जांच पर निगाहें टिकी हैं। सवाल यह है कि वर्ष 2018 के जमीन सौदे से शुरू हुआ विवाद आखिर चार करोड़ रुपये की कथित वसूली और परिवार को जान से मारने की धमकी तक कैसे पहुंचा?
