थिम्फू/नई दिल्ली: भूटान में गुरुवार रात करीब 8:15 बजे शितांफू तशो (Shintaphu Tsho) ग्लेशियर झील फटने से भारी तबाही मच गई। ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की इस घटना में करीब 74 लाख घन मीटर पानी एक साथ बह निकला, जिससे मो छू और पुनात्सांगछू नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इसका असर अब भारत तक पहुंच गया है और संकोश नदी के जरिए बढ़ता जलस्तर देखते हुए पश्चिम बंगाल और असम में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

भूटान में बाढ़ के तेज बहाव से पुनाखा-गासा हाईवे का हिस्सा बह गया, गासा छाचू का प्रसिद्ध प्राकृतिक गर्म पानी का कुंड और दो बैली ब्रिज भी क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं लया गांव को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह टूट गई। राहत की बात यह रही कि खतरे की आशंका के चलते गर्म पानी के कुंड वाले इलाके को पहले ही खाली करा लिया गया था, जिससे वहां किसी जनहानि की खबर नहीं है।

संकोश नदी का बढ़ता जलस्तर भारत के लिए चिंता का विषय बन गया है। खतरे को देखते हुए अलीपुरद्वार और आसपास के इलाकों से 10 से 15 हजार लोगों को राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, जबकि निचले इलाकों में सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।