रायपुर : छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर रामगोपाल अग्रवाल को लेकर हलचल तेज हो गई है,कांग्रेस आला कमान समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के हाथों में  घोटालों की रकम के सौंपे जाने के तार सामने आने के बाद राजनैतिक गलियारों में हलचल तेज़ देखी जा रही है | यह भी बताया जाता है,कि लगभग 10 हज़ार करोड़ के महादेव एप्प सट्टा घोटाले के कई डिजिटल और दस्तावेजी ऐसे साक्ष्य मिले है,जो कि कांग्रेस के नेताओं को मिली "आर्थिक भेंट" से जोड़कर देखे जा रहे है | 

इस बीच जेल की हवा खा रहे,पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात करने पूर्व मुख्यमंत्री बघेल रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे।बताते है,कि दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। दरअसल,महादेव एप्प सट्टा घोटाले में दर्ज एक FIR में पूर्व मुख्यमंत्री बघेल को नामजद आरोपी बनाया गया है | ऐसे में एक आरोपी जेल के भीतर और दूसरा बाहर आपस में क्या रणनीति बना रहे थे ? जाँच का विषय बताया जा रहा है | इस बातचीत का पूर्ण ब्यौरा तो नहीं मिल पाया,लेकिन जेल से बाहर आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी और हिरासत को लेकर सरकार पर सवाल उठाए ? उन्होंने,आरोप लगाया कि रामगोपाल को गलत तरीके से जेल में बंद रखा गया है। हालांकि,ऑनलाइन बेटिंग एप्प की विवेचना जोरों पर है,सीबीआई को घोटाले के कई अहम् सबूत हाथ लगे है |

एजेंसी ने उन आईपीएस अधिकारियों और सटोरियों की गतिविधियों पर संज्ञान लिया है,जो अब तक इस पूरे खेल से बचे हुए थे,ऐसे संदेहियों ने मोटी रकम कमाने के बाद खुद को जाँच विवेचना से अलग कर लिया था,अब उनके रसूखों को भी जाँच के दायरे में ले लिया गया है,एजेंसी के गलियारों से सूत्र यही दावा कर रहे है | इधर,रामगोपाल अग्रवाल को ED के  एक प्रकरण में जमानत मिलने के बावजूद अभी उनकी रिहाई नहीं हो पाई है | उनके खिलाफ अन्य मामले अदालत में विचाराधीन है | 

उधर,पूर्व मुख्यमंत्री की आरोपी रामगोपाल अग्रवाल से मेल-मुलाकात को लेकर सवाल खड़े हो रहे है | तस्दीक की जाती है,कि आरोपी कथित शराब घोटाले समेत अन्य मामलों की जांच के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में हैं। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री का उनसे मिलने जेल पहुंच कर मेल-मुलाकात करना जाँच को प्रभावित कर सकता है | जबकि,जेल मैनुवल में परिजनों से मेल-मुलाकात के स्पष्ट नियम तय है,ऐसे में बाहरी व्यक्ति के साथ आरोपी की मेल-मुलाकात सवालों के घेरों में है | 

यह भी सवाल उठ रहा है, कि जिस नेता का नाम गंभीर आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों की जांच में सामने आया है, उसके बचाव में पूर्व मुख्यमंत्री जाँच एजेंसियों पर सीधे सवाल क्यों उठा रहे हैं? क्या वे एजेंसियों को दबाव में लाकर मामला रफ़ा-दफ़ा करने में जुटे है | फ़िलहाल,महादेव एप्प  सट्टा कारोबार के दो आरोपियों की इस मेल-मुलाकात ने ''सरकार'' की मंशा पर भी सवाल खड़े कर दिए है |