
रायपुर : छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर एक बार फिर पुलिस मुख्यालय सुर्ख़ियों में आ गया है| इस बार जांजगीर चांपा से लेकर रायपुर से सटे राजिम तक पुलिस पर गंभीर आरोप लगे है,जहाँ पुलिस हिरासत में मौत को लेकर चांपा में थाने के घेराव का मामला सामने आया है,वही राजिम में सट्टे के कारोबार को अलविदा कह चुके एक शख्स से अवैध वसूली के लिए दबाव बनाने की कवायत में उसके बेटे को अनुचित रूप से गिरफ्तार कर जेल दाख़िल कराए जाने की घटना सामने आई है|

बताया जाता है,कि सटोरिये बाप से पैसा नहीं मिलने पर ग्रामीण एसपी के निर्देश पर उसके 23 वर्षीय पढ़ने-लिखने वाले पुत्र को नवापारा राजिम पुलिस ने धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल दाख़िल करा दिया गया है।जानकारी के मुताबिक,इस युवक का ना तो,कोई आपराधिक रिकॉर्ड है और ना ही सट्टा कारोबार से कोई लेना-देना| पिता से दूरियां बना चुके,इस युवक को जेल दाख़िल कराए जाने के बाद उसकी माँ को इतना झटका लगा, कि बीती रात (रविवार) बेसुध हालत मे उसे पड़ोसियों ने राजिम के सरकारी अस्पताल में भर्ती किया| यह भी बताया जाता है,कि सोमवार को पिता को खोजने आए पुलिस कर्मियों ने पीड़ित युवक को धरदबोचा और उसके पिता को थाने में हाज़िर होने का फरमान सुनाया था|

बताया जाता है,कि ग्रामीण एसपी ने स्वयं एसडीएम को फ़ोन कर युवक को जेल भेजने का अनुरोध किया था,पीड़ित परिवार की गुहार है कि आरोपी पिता के ख़िलाफ़ पुलिस जो कार्रवाई करना है,करे लेकिन अपराधो से दूर-दूर तक नाता नहीं रखने वाले उनके पुत्र को इस तरह से प्रताड़ित ना करें| जानकारी के मुताबिक,स्थानीय सटोरिए छोटू भांडुलकर ने पिछले 3 माह से सट्टे का काम बंद करने के साथ-साथ एसपी को मासिक रकम देना भी बंद कर दिया था। सूत्र तस्दीक कर रहे है,कि लगातार ‘‘महीना” बीत जाने के बावजूद “भुगतान” नहीं करने को लेकर सटोरिए के बजाए उसके निर्दोष पुत्र को गिरफ्तार कर जेल दाख़िल कराए जाने का फ़रमान स्थानीय थाने को दिया गया था | हालाँकि,इस प्रकरण को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई |

प्रदेश में आपराधिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए पुलिसिया कार्रवाई जारी है,या फिर पर्दे के पीछे से उगाही के खेल को अंजाम दिया जा रहा है ? इन दोनों ही मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है| इधर, वर्दी पर वसूली का दाग ? राजनैतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है| यह भी बताया जाता है,कि मैदानी इलाकों में पुलिस कथित वैधानिक कार्रवाई को लेकर आए दिन बवाल मच रहा है|

इस कड़ी में जांजगीर-चांपा में भी पुलिस हिरासत में मौत के आरोप पीड़ितों ने लगाए है,यहाँ मामले ने इतना तूल पकड़ा की,थाने के इर्द-गिर्द घंटों तक बवाल मचा रहा| आक्रोशित भीड़ ने थाने का घेराव कर पुलिस पर मारपीट और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया |बताया जाता है,कि अवैध शराब बिक्री के मामले में पुलिस द्वारा हालिया हिरासत में लिए गए एक युवक की थाने में ही तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक,पुलिस हिरासत में मौत के मामले को गंभीरता से नहीं लेने के चलते मृतक के परिजन और मोहल्लेवासी आक्रोशित हो गए और थाने का घेराव करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

उधर,पुलिस ने दावा किया था,कि मिर्गी आने के बाद आरोपी की तबीयत बिगड़ी,उसका यह भी कहना है,कि युवक को मिर्गी का दौरा पड़ा था,जिसके बाद उसे उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हुई। पुलिस अधीक्षक विजय पाण्डेय ने बताया,कि आरक्षक ईश्वर राठौर को निलंबित कर दिया है,घटना की जांच भी शुरू कर दी गई है।

उनके मुताबिक,जांच के दौरान युवक की मौत के वास्तविक कारणों के साथ-साथ पुलिस हिरासत में उसके साथ किसी तरह की मारपीट या प्रताड़ना हुई थी या नहीं ? इन तमाम बिंदुओं की जांच की जाएगी।फ़िलहाल,छत्तीसगढ़ में पुलिस की कार्यप्रणाली और दक्षता को लेकर जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है| पुलिस बेलगाम है ? या फिर पुलिस मुख्यालय मैदानी स्तर पर अपना नियंत्रण खोते जा रहा है ? इसे लेकर आम लोगों के बीच माथापच्ची जारी है |
भगवान गणेश के इस मंदिर में मिलती है खास मेहँदी,लगाते ही कुंवारों कि हो जाती शादी,उमड़ी भीड़ !





