
देहरादून/दिल्ली/रायपुर : मुख्यमंत्री और मंत्रियों के संवैधानिक अधिकारों का उपयोग-दुरूपयोग कर दिन दुगुनी और रात चौगुनी कमाई करने वाले सैंकड़ों PA और OSD अब ED की रडार में बताए जा रहे है| ताज़ा घटनाक्रम में आज हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी चंदन सिंह जीना के घर ईडी की छापेमारी से हड़कंप है|

यही हाल,छत्तीसगढ़ का भी बताया जा रहा है,तस्दीक की जा रही है,कि सरकार की आँखों में धूल झोंक कर अवैध हथकंडो से काली कमाई करने वालों लगभग एक सैंकड़ा PA और OSD एवं उनका परिवार एजेंसियों के निशाने पर है| सरकारी योजनाओं में टेंडर-निविदा,सप्लाई और टेंडर मैनेजमेंट कर अनियमितता खेल करने वाले “मुलाजिमों” की अब ख़ैर नहीं| सूत्रों का दावा है,कि देश के कई राज्यों के वर्तमान एवं पूर्व मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के PA और OSD का काला चिठ्ठा एजेंसियों के लिए जाँच का विषय बन गया है| बीजेपी शासित राज्यों के अलावा कांग्रेस और विपक्ष के नेतृत्व वाले कई प्रदेशों में इन दिनों ED की सक्रियता जोरों पर बताई जाती है |

काला धन उगाही करने वाले ऐसे शासकीय “सेवकों” की कमाई पर रोक लगाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपने “धन शोधन” कार्यक्रम का विस्तार किया है | जानकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ और हिमाचल में एजेंसी ने सक्रियता दिखाते हुए,छापेमारी शुरू कर दी है| हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में ED की सक्रियता से हलचल तेज़ हो गई है | यहाँ यूकेएसएसएससी के तत्कालीन चेयरमैन, सचिव और परीक्षा नियंत्रक के अलावा ओएमआर प्रोसेसिंग का काम करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित काली कमाई की साजिश में शामिल बिचौलियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सबसे ताकतवर PA समेत कई अफसरों के ठिकानों पर दबिश दी है |

इस छापेमारी के दौरान यूकेएसएसएससी के कई पूर्व अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के परिसरों से बेहिसाबी नकदी और निवेश के दस्तावेज बरामद होने की जानकारी सामने आई है। ED सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग ठिकानों से छोटी रकम से लेकर लाखों रुपये तक नकदी हाथ लगी है,कुछ स्थानों से सोने के आभूषण भी बरामद किए गए तलाशी के दौरान संबंधित लोगों के मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किए गए हैं। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सक्रिय हुई ईडी को कई अफसरों और मंत्रियों के PA और OSD के काले कारनामों को लेकर बड़ी लीड मिली है|सूत्र यह भी तस्दीक करते है,कि ED की ताज़ा कार्रवाई से यूकेएसएसएससी पेपर लीक से जुड़े आरोपितों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।

उधर,छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) ने बलरामपुर के अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया को गिरफ्तार कर लिया है | CGPSC में कुपात्र उम्मीदवारों की पिछले दरवाज़े से नियुक्ति को लेकर ED को बोरघारिया के खिलाफ पुख़्ता सबूत मिले थे| जानकारी के मुताबिक,वर्ष 2020-21 की CGPSC के जरिए DSP, डिप्टी कलेक्टर और अन्य ऐसे ही पदों के लिए अफसरों ने मोटी रकम वसूल कर दर्जनों कुपात्रों को राजपत्रित पदों पर हाथों-हाथों नियुक्ति दे दी थी|

बताया जाता है,कि ऐसे फर्जीवाड़ों के जरिए मोटी रकम इक्कठा कर ”मनी लॉन्ड्रिंग” करने वाले लोगों पर ED ने अपना शिकंजा कस दिया है|छत्तीसगढ़ में काली कमाई और’‘धन-शोधन” से जुड़े सैकड़ों प्रकरण ED के जाँच के दायरे में बताए जाते है|अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया पूर्व मुख्यमंत्री ”भू-PAY” बघेल के करीबी बताए जाते है | कांग्रेस कार्यकाल के दौरान बोरघारिया,तत्कालीन मुख्यमंत्री बघेल के OSD के पद पर तैनात थे| फ़िलहाल,छत्तीसगढ़ में ED की छापेमारी के दौरान दर्जनों मंत्रियों के PA और OSD की नींद “हराम” बताई जाती है|
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