
कवर्धा/रायपुर : छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के थाना बोड़ला इलाके की चौकी पोंडी से सनसनीखेज ख़बर सामने आई ह| यहाँ,नकली नोट तैयार करने के एक कथित कारखाने में स्थानीय पुलिस ने छापेमारी कर लाखों के नकली नोटों के साथ 3 आरोपियों को धर-दबोचा है| पुलिस ये पता लगा रही है,कि आरोपियों ने अब तक फेंक करेंसी की खेप की कहाँ-कहाँ डिलीवरी की है ? प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के गृह जिले से सामने आई इस ख़बर ने राजनैतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है|सोशल मीडिया में सक्रिय और “रील” मामलों के प्रणेता विजय शर्मा की “बहुमुखी” अंदाज़ वाली रील का इंतज़ार भी राजनैतिक गलियारों में किया जा रहा है|

देश-प्रदेश तक आमतौर पर रील के जरिए संवाद स्थापित करने वाले गृह मंत्री के इलाके में ही नकली नोट के कारोबार में इलाके के लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है|नकली नोट के सौदागरों को समय रहते धर-दबोचे जाने से गदगद स्थानीय लोगों ने पुलिस की सक्रियता की तारीफ़ की है | उधर,गिफ्तार आरोपियों से पुलिस की पूछताछ जारी है|

गृहमंत्री के इलाके में ही नकली नोट के कारोबार का खुलासा होने का मामला राजनैतिक हलकों में ”दीया तले अँधेरा” की तर्ज पर आंका जा रहा है| पुलिस ने ‘‘रीलमैन” को भी रियलिटी से अवगत करा दिया है,आरोपियों की धर-पकड़ का ”श्रेय” हासिल करने से जुड़ी “रील” भी ”रीलमैन” द्वारा सोशल मीडिया में जल्द ही ”रिलीज़” किए जाने के आसार जाहिर किए जा रहे है|जानकारी के मुताबिक,कवर्धा पुलिस ने नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। बोड़ला थाना, पोंडी चौकी और साइबर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं।मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब 3.75 लाख रुपये की उधारी चुकाने के नाम पर नकली नोटों की डिलीवरी किए जाने की शिकायत पुलिस तक पहुंची। कवर्धा एसपी जितेंद्र कुमार यादव के मुताबिक, शिकायतकर्ता दिनेश कुमार यादव को 9 अगस्त को कथित तौर पर 4.50 लाख रुपये के नकली नोट दिए गए थे। नोटों की जांच में फर्जी होने का पता चला, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जुलाई 2026 से कवर्धा के नए बस स्टैंड के पास किराए के कमरे में रहकर कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार कर रहे थे। इसके बाद इन नोटों को अलग-अलग माध्यमों से बाजार में चलाने की कोशिश की जा रही थी।पुलिस ने कार्रवाई के दौरान सतीश कुमार, रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के पास से नकली नोटों के अलावा कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और टाटा पंच ईवी कार भी जब्त की गई है।गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि नकली नोट बनाने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने के इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने अब तक कितने नकली नोट तैयार किए और किन-किन इलाकों में उनकी सप्लाई की गई।पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद तीनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं, लेकिन असली सवाल अब भी यही है कि 12 लाख 50 हजार रुपये की नकली करेंसी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है और इसकी सप्लाई आखिर कहां-कहां तक पहुंची है? पुलिस की पूछताछ में अगर इस पूरे नेटवर्क के दूसरे किरदार सामने आते हैं, तो आने वाले दिनों में मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। वहीं, गृहमंत्री के गृह जिले में नकली नोटों के कथित कारोबार का खुलासा होने के बाद अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और इस पूरे मामले पर सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी है।
अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों को दूर भगाता हरेली तिहार..




