
रायपुर के सड्डू इलाके में 15 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने आरोपी राजू सेन उर्फ खड़ा राजू उर्फ रेमंड (29) को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मामला जनवरी 2026 का है। पीड़िता की मां ने 13 जनवरी को सरस्वती नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 12 जनवरी की दोपहर पीड़िता अपनी नानी के घर से पैदल लौट रही थी। विवेकानंद स्टेडियम के पास एक नाबालिग ने उसे फोन कर परिचित के घर चलने की बात कही। जान-पहचान होने के कारण पीड़िता उनके साथ वाहन में बैठ गई, लेकिन उसे बताए गए स्थान के बजाय सड्डू स्थित आरोपी के घर ले जाया गया। वहां आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और उसका मोबाइल बंद कर दिया। अगले दिन सुबह पीड़िता घर से निकलकर अपने घर पहुंची और मां को घटना की जानकारी दी।
पुलिस ने की कार्रवाई
शिकायत के बाद सरस्वती नगर थाने में अपराध क्रमांक 16/2026 दर्ज किया गया और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया। 13 जनवरी को पीड़िता का एम्स रायपुर में मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद 15 जनवरी को न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज किया गया। पुलिस ने 18 मार्च 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया और उसका भी मेडिकल परीक्षण कराया।
अदालत ने सुनाई 20 साल की सजा
अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(1), 127(2), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत दोषी ठहराया। हालांकि, धारा 296 और 115(2) में उसे बरी कर दिया गया। अदालत ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी 18 मार्च से 11 अगस्त 2026 तक 146 दिन जेल में रहा, जिसे उसकी सजा की अवधि में समायोजित किया गया है।





