
रायपुर : रायपुर के कबीर नगर स्थित मीडिया सिटी हाउसिंग सोसायटी में कथित वित्तीय अनियमितताओं से बवाल मच गया है| कई पत्रकारों ने मामले को पुलिस को सौंपे जाने पर जोर देते हुए एक बैठक की है|यह जानकारी सामने आई है, कि इस सोसायटी की उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है| यह भी बताया जा रहा है,कि सालों बाद बाद भी मीडिया सिटी सोसायटी का ना तो कोई अधिकृत कार्यालय है और ना ही यहाँ मूलभूत सुविधाओं को जुटाने और विकास की कोई रूपरेखा अमल में लाई गई है| इस बीच वित्तीय अनियमितता और जमीनों की ख़रीद-फ़रोख्त में ”NOC” के नाम पर अवैध उगाही का मामला सुर्ख़ियों में है|

पत्रकार सोसायटी के विगत साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में जनरल बॉडी की बैठक नहीं बुलाए जाने से विवाद गहरा गया है| छत्तीसगढ़ में चर्चित राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित के मौजूदा पदाधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही को लेकर बैठकों का दौर जारी बताया जाता है| यह भी बताया जाता है,कि समिति की उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी के इस्तीफे ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। सुनीता तिवारी ने अपने इस्तीफे में समिति के अध्यक्ष प्रेम पाठक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं|
उनके मुताबिक,सोसाइटी में पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही अब तक सुनिश्चित नहीं हो पाई है|जबकि,मुख्य पदाधिकारी इतने वर्षों का आय-व्यय का ब्यौरा तक पेश करने से कतरा रहे है|उनके अलावा समिति के कई सदस्यों का आरोप है, कि अध्यक्ष ने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान न केवल सामान्य सदस्यों बल्कि निदेशक मंडल (Board of Directors) को भी समिति के बैंक खातों का लेन-देन, बैंक स्टेटमेंट, आय-व्यय का विस्तृत विवरण तथा अन्य वित्तीय अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए है। उनके मुताबिक,बैंक खातों से संबंधित जानकारी बार-बार मांगे जाने के बावजूद अध्यक्ष द्वारा ना तो ब्यौरा साझा किया गया और ना ही बैंकिंग संबंधी सूचनाएं उपलब्ध कराई गई|

सोसायटी की हालिया बैठकों में वित्तीय मामलों में गड़बड़ी को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। सदस्यों द्वारा यह भी साफ़ किया गया है,कि बैंक संचालन से जुड़े निर्णय निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं लिए जाने से मामला संदिग्ध हो गया है | उनकी माने,तो विशेष रूप से बैंक हस्ताक्षरकर्ता (Bank Signatory) में एक तरफा कथित बदलाव से गंभीर सवाल उठ गए हैं। बैठक में कई पदाधिकारियों ने अध्यक्ष के रवैये पर आपत्ति जाहिर करते हुए आरोप लगाया है, कि उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी को बगैर जानकारी दिए और अन्य सदस्यों की सहमति के बिना बैंक के हस्ताक्षरकर्ता के पद से हटाकर किसी अन्य व्यक्ति को हस्ताक्षरकर्ता बना दिया गया है, जबकि ऐसे मामलों में निदेशक मंडल का विधिवत प्रस्ताव पारित कराना आवश्यक होता है।

सोसायटी के ज्यादातर सदस्यों का कहना है, कि चार वर्ष से अधिक के कार्यकाल में एक भी सामान्य सभा (General Body Meeting) मौजूदा पदाधिकारियों द्वारा आयोजित नहीं की गई है,जो कि नियमों का खुला उल्लंघन है | उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार जवाब मांगा गया, लेकिन अध्यक्ष की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। सदस्यों का आरोप है कि अध्यक्ष पद के लिए कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी | उनके मुताबिक,बगैर चुनाव,अध्यक्ष का ऐलान कर दिया गया था | इसकी जानकारी अधिकांश सदस्यों को कई दिनों बाद दी गई थी। हालांकि, इन दावों और अन्य आरोपों पर अध्यक्ष प्रेम पाठक की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हाल ही में समिति के कई वरिष्ठ पत्रकार सदस्यों ने सोसायटी की बैठक में अध्यक्ष की कार्यशैली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक लिखित प्रस्ताव जारी किया गया है। इस प्रस्ताव में समिति के सभी वित्तीय अभिलेख सार्वजनिक करने, विशेष ऑडिट तथा आवश्यकता पड़ने पर फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है। उपाध्यक्ष के इस्तीफे में लगाए गए आरोपों के बाद मामला अब पुलिस में एफआईआर दर्ज होने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है।
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