विधानसभा में महतारी वंदन योजना पर बवाल, कांग्रेस का वॉकआउट,सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश…

रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन महतारी वंदन योजना, राशन वितरण और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस ने महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की संख्या 70.09 लाख से घटकर 68.54 लाख होने और करीब 1.55 लाख महिलाओं के नाम सूची से हटाए जाने का मुद्दा उठाया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि लाभार्थियों के नाम मृत्यु, ई-केवाईसी नहीं होने, आयकरदाता बनने तथा अन्य पात्रता संबंधी कारणों से हटाए गए हैं।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में विरोध प्रदर्शन किया और बाद में वॉकआउट कर दिया। वहीं राशन वितरण व्यवस्था को लेकर भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों ने सवाल उठाए। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने शिकायत मिलने पर जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने साय सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप पत्र पेश करते हुए अविश्वास प्रस्ताव रखा। उन्होंने हसदेव अरण्य में खनन, पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, पेसा कानून, आदिवासी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण, अबूझमाड़ में पेड़ों की कटाई, भारतमाला परियोजना और आबकारी विभाग से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा। महंत ने आरोप लगाया कि हसदेव अरण्य में खनन को बढ़ावा देकर प्रदेश के पर्यावरण और आदिवासी हितों की अनदेखी की जा रही है। साथ ही उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, बलौदाबाजार हिंसा, किसानों और बेरोजगारों से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। अविश्वास प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष की ओर से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष लोकतंत्र का महत्वपूर्ण प्रहरी होता है, लेकिन यह प्रस्ताव केवल औपचारिकता निभाने तक सीमित दिखाई देता है।

About The Author