
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने दिल्ली सरकार के साथ टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन अलग-अलग प्रयासों से नहीं, बल्कि सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ समाज की व्यापक भागीदारी भी आवश्यक है।
जनभागीदारी बढ़ाने पर दिया जोर
बैठक के दौरान जे.पी. नड्डा ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अभियान की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की और कहा कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से ही टीबी उन्मूलन का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सकता है।
‘माई भारत’ स्वयंसेवकों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में आयोजित प्रगति (PRAGATI) बैठक में दिए गए मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए ‘माई भारत’ स्वयंसेवकों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका से जागरूकता अभियान और मरीजों तक पहुंच को और मजबूत किया जा सकेगा।
दिल्ली में अभियान के तहत व्यापक जांच और मरीजों की पहचान
समीक्षा बैठक में बताया गया कि दिल्ली में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत अब तक 28.83 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इसके अलावा 21.67 लाख चेस्ट एक्स-रे और 3.65 लाख मॉलिक्यूलर टेस्ट किए गए हैं। अभियान के दौरान 1.75 लाख टीबी मरीजों को अधिसूचित (नोटिफाई) किया गया है।
आरडब्ल्यूए और वार्ड समितियों की भूमिका मजबूत करने का आह्वान
बैठक में अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसके तहत निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) और वार्ड समितियों से अभियान की जिम्मेदारी अपने स्तर पर लेने और सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।




