
गणेश उत्सव की तैयारियों के बीच नगर निगम ने सार्वजनिक आयोजनों को लेकर अनुमति की प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है। निगम क्षेत्र में श्री गणेश पूजा, दुर्गा पूजा पंडाल, भंडारा, अस्थायी संरचना के साथ ही सामाजिक-धार्मिक और राजनीतिक आयोजनों के लिए संबंधित जोन कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए आयोजन से कम से कम सात दिन पहले निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। नई व्यवस्था के तहत अनुमति के साथ चार विभागों की एनओसी भी अनिवार्य की गई है। यानी पंडाल या किसी अन्य सार्वजनिक आयोजन के लिए आयोजकों को पहले से जरूरी विभागीय स्वीकृतियां हासिल करनी होंगी।

नगरीय प्रशासन विभाग ने नगर निगम आयुक्त को निगम सीमा क्षेत्र में सामाजिक-धार्मिक और राजनीतिक आयोजन, पंडाल, अस्थायी संरचना, रैली और जुलूस की अनुमति देने के लिए अधिकृत किया है। इसके बाद निगम आयुक्त ने शासन के निर्देशों के पालन के लिए संबंधित जोन कार्यालयों के जोन कमिश्नरों को भी जोन स्तर पर अनुमति जारी करने की जिम्मेदारी दी है। नगर निगम के अनुसार, पिछले साल अगस्त से अब तक विभिन्न जोन में आयोजनों की अनुमति के लिए आवेदन सामने आते रहे हैं। हालांकि, कुछ मामलों में निर्धारित अनुमति प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने की शिकायतें भी मिली हैं।अब शासन के निर्देशों के तहत अनुमति प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा रहा है। साथ ही, बिना अनुमति आयोजन करने या निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।






