
रायपुर/भिलाई : पद्म विभूषण तीजन बाई अब इस दुनिया में नहीं रही| जानकारी के मुताबिक,कुछ महीनों से अस्वस्थ तीजन बाई का देवलोक गमन हो गया है| छत्तीसगढ़ की लोक कला पंडवानी को देश और दुनिया में विशेष पहचान दिलाने के मामले में पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का योगदान सदैव याद रखा जाएगा|

भिलाई के गनियारी गांव में जन्मीं तीजन बाई ने कम उम्र में ही पंडवानी गायन शुरू कर दिया था | इसके बाद उनकी चर्चा देश-विदेश में भी होने लगी थी| महाभारत की कथाओं को अपनी दमदार आवाज, अभिनय और अनूठी प्रस्तुति के साथ मंच पर जीवंत करने की उनकी शैली ने इस लोक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई|

आज रविवार तड़के उनके निधन की ख़बर आते ही,राज्य में शोक की लहर दौड़ गई | एम्स रायपुर के अनुसार,70 वर्षीय तीजन बाई ने रविवार सुबह करीब 3.15 बजे अंतिम सांस ली. वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था |







