
रायपुर : सरपंच महोदयों पर रायपुर के कलेक्टर ने अचानक स्ट्राइक कर दिया है|नतीजतन,गांव की सरकार पर हड़कंप मच गया है | दरअसल,बीते वर्षों में ग्राम विकास की राशि पर हाथ साफ़ करने वाले सरपंचों और पूर्व सरपंचों पर कलेक्टर गौरव सिंह ने अपना शिकंजा कस दिया है| उनकी मुहिम की पहली स्ट्राइक में उन पूर्व सरपंचों पर गाज गिरी है,जिन्होंने सरकारी रक़म पर हाथ साफ़ किया था | उनकी इस हरकत को गबन के अपराध के दायरे में लेते हुए कलेक्टर ने “जेल भेजने” की चेतावनी जारी की है |

कहा जा रहा है,कि अगले कुछ घंटों के भीतर ऐसे पूर्व सरपंच पुलिस के हत्थे चढ़ जाएंगे,जिन्होंने गांव की विकास योजनाओं के मद में आबंटित रकम को अपने जेब में रख लिया था| ऐसी शिकायतों के बाद जाँच पड़ताल में रायपुर से सटे अभनपुर के लगभग दर्जन भर पूर्व सरपंच “जेल की ”दहलीज़” पर खड़े है| उनके ऊपर गिरफ़्तारी की तलवार लटक गई है|

दरअसल, इन सरपंचों की राजनैतिक पकड़ उस समय समाप्त हो गई जब कलेक्टर गौरव सिंह ने स्वयं शिकायतों की पड़ताल कर आय-व्यय और अन्य ब्यौरे का बारीकी से अध्ययन किया| जेल की कगार पर खड़े ऐसे पूर्व सरपंचों को बकायदा नोटिस जारी कर कलेक्टर ने फ़ौरन गबन की राशि जमा करने के निर्देश दिए थे|

बताया जाता है,कि आधा सैकड़ा से ज्यादा पूर्व सरपंचों नेगबन की राशि जमा करने में देरी नहीं की| जबकि, लगभग दर्जन भर पूर्व सरपंचों ने राजनैतिक दमख़म का परिचय देते हुए गबन की रकम जमा करने से अपने हाथ पीछे खींच लिए थे| यह भी बताया जा रहा है,कि ऐसे ”डिफाल्टर” पूर्व सरपंचों को कलेक्टर ने 30 दिन के भीतर गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए है| इस निर्देश के जारी होते ही कई सरपंच और पूर्व सरपंच सतर्क हो गए है|

जानकारी के मुताबिक,अभनपुर के सैंकड़ों पूर्व सरपंच कलेक्टर की स्ट्राइक के दायरे में बताए जाते है | प्रकरणों के निपटारों के साथ ही “डिफाल्टर’‘ पूर्व सरपंचों से वसूली सुनिश्चित कर दी गई है|अभनपुर विकासखंड में 11 ग्राम पंचायतों के पूर्व सरपंचों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए एसडीएम अभनपुर न्यायालय ने 30 दिनों तक सिविल जेल भेजने का आदेश जारी कर सनसनी फैला दी है। प्रशासनिक आरोप है, कि ऐसे पूर्व सरपंचों ने अपने कार्यकाल के दौरान ना केवल शासकीय राशि का गबन किया था,बल्कि बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद सरकारी रकम राजकोष में जमा नहीं की थी |

जानकारी के मुताबिक,आदेश जारी होते ही कई पूर्व सरपंचों के सिर से टोपी उछलने के आसार बढ़ गए है | रायपुर जिला प्रशासन ने वैधानिक कार्रवाई करते हुए संबंधित पूर्व सरपंचों को सरकारी रकम जमा करने का मांग नोटिस जारी किया था। यह भी बताया जाता है,कि इस नोटिस में साफ़ कर दिया गया है ,कि ग्राम सरकार के “डिफाल्टर” पूर्व सरपंचों की चल और अचल संपत्तियों की जब्ती की प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी| पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद भी दर्जनों पूर्व सरपंचों ने गबन की बकाया राशि जमा करने में गंभीरता नहीं दिखाई है। यह भी बताया जाता है,कि अभनपुर एसडीएम न्यायालय की ओर से सभी आरोपी पूर्व सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा गया था, कि उन्हें “जेल क्यों न भेजा जाए” ?

हालांकि इस नोटिस का किसी भी पूर्व सरपंच ने संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया था।अब,मामला कलेक्टर के संज्ञान में आने के बाद कड़ी कार्यवाही का फरमान सुनिश्चित कर दिया गया है| जानकारी के मुताबिक,कलेक्टर के निर्देश पर SDM कार्यलय ने वसूली कार्यवाही पर अपनी मुहर लगा दी है|

सूत्रों के मुताबिक,18 मई को SDM न्यायालय अभनपुर ने आदेश जारी करते हुए कहा है,कि संबंधित राशि जमा नहीं होने तक ऐसे पूर्व सरपंचों को अधिकतम 30 दिनों तक उन्हें सिविल जेल में रखा जाएगा।शासन का ये निर्देश स्थानीय पुलिस की जानकारी में आने के बाद गांव की सरकार के गलियारों में गहमा-गहमी देखी जा रही है| सिविल जेल के आदेश जारी होने के बाद दर्जनों सरपंच पति भी हैरान परेशान नजर आ रहे है|
कलेक्टर ऑफिस के बाहर लगा अनोखा नोटिस…






