
जगदलपुर : नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर को नेशनल मैप में स्थान दिलाने की पहल ज़ोर-शोर से शुरू हो गई है | ऐसा नहीं है,कि बस्तर देश-विदेश में ना जाना पहचाना जाता हो| उसकी ख्याति दूर-दूर तक है,लेकिन नक्सलवाद का दंश भी उसके नाम के साथ जुड़ जाता था | यह पहली बार है,कि “आमचो बस्तर” को नई पहचान देने की कवायत भी अब मूर्त रूप लेने लगी है |

आमतौर पर बस्तर में चुनाव प्रचार के दौरान ही कई राज्यों के मुख्यमंत्री और नेता आम सभा के दौरान नज़र आते थे | लेकिन अब देश को दिशा देने वाले स्थानों में बस्तर को उपयुक्त मान कर ये नेता अपनी बैठके कर रहे है| देश में पहली बार नक्सलमुक्त बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की गई है|

इस बैठक के चलते बस्तर और जगदलपुर के नाम ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जगदलपुर में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए है। इन राज्यों में छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश,उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल है | यह पहला मौका है जब राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को एक साथ तीन मुख्यमंत्रियों की अगुवानी करने का मौका मिला है | केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे है |
इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान अतिथियों को राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक अवसर है। पहली बार इतनी बड़ी अंतरराज्यीय बैठक बस्तर में आयोजित हो रही है, जो क्षेत्र के बढ़ते विकास, शांति और सुरक्षा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कभी नक्सली हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब विकास और विश्वास की नई पहचान बन रहा है।
बैठक में राज्यों के बीच समन्वय, सुरक्षा व्यवस्था, विकास कार्यों और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। साथ ही सुशासन, जनहित और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि यह बैठक अंतरराज्यीय सहयोग को नई मजबूती देने के साथ-साथ विकसित और आत्मनिर्भर बस्तर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







