रायपुर : - दीपावली की रौनक के बीच राजधानी रायपुर के गोलबाजार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाने वाली तस्वीर सामने आई है। बाजार की तंग गलियों में 20 से अधिक पटाखा दुकानें संचालित हो रही हैं, जहां त्योहार के दौरान रोजाना बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि अगर इन गलियों में आग लगने या पटाखों में विस्फोट की घटना हो जाए, तो बचाव दल मौके तक कैसे पहुंचेगा? संकरी सड़कों और बढ़ती भीड़ के बीच दमकल की गाड़ियों की आवाजाही बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में पटाखों की बिक्री के साथ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए अहम जिम्मेदारी है।
ग्राउंड रिपोर्ट में दुकानों के आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। कुछ दुकानों के बाहर रंग-गुलाल के बैनर लगे होने, अंदर पटाखे रखे होने और आसपास बिजली के तार लटकने की बात सामने आई है। वहीं, अग्निशमन यंत्र, पानी और रेत जैसे जरूरी संसाधनों की उपलब्धता पर भी सवाल हैं। नियमों के मुताबिक, पटाखा दुकानों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और आपात स्थिति में लोगों के निकलने का रास्ता खुला रहना जरूरी है। अब प्रशासन की जांच से स्पष्ट होगा कि दुकानदार निर्धारित सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का पालन कर रहे हैं या नहीं। दीपावली के दौरान बाजार में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सबसे बड़ा सवाल यही है कि किसी अनहोनी से पहले सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जिम्मेदार विभाग क्या कदम उठाते हैं।

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