CG में आयुष्मान योजना से जुड़े कथित फर्जीवाड़े पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। बुधवार को रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में 100 से ज्यादा निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम पर एक साथ छापेमारी की गई। अलग-अलग टीमों ने अस्पतालों में पहुंचकर इलाज और आयुष्मान-स्मार्ट कार्ड से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
स्वास्थ्य विभाग की जांच का फोकस उन शिकायतों पर है, जिनमें मरीजों के नाम पर फर्जी इलाज दिखाकर सरकारी राशि का क्लेम करने की आशंका जताई गई है। अधिकारी मरीजों के भर्ती रिकॉर्ड, उपचार संबंधी दस्तावेज और योजना के तहत किए गए क्लेम का मिलान कर रहे हैं। यह भी जांचा जा रहा है कि रिकॉर्ड में दर्ज इलाज वास्तव में मरीज को दिया गया था या नहीं। गौरतलब है कि आयुष्मान योजना में अनियमितताओं को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। इनमें सामान्य वार्ड में भर्ती मरीजों को आईसीयू में दिखाने, मरीज की मृत्यु के बाद भी इलाज दर्ज करने और मरीजों से अतिरिक्त राशि लेने जैसे आरोप शामिल रहे हैं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीमें दस्तावेजों की जांच में जुटी हैं और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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