रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल फास्ट ट्रैक POCSO कोर्ट ने आरोपी मुनेंद्र ध्रुव को दोषी ठहराते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार, दिसंबर 2025 में नाबालिग के घर से बाहर जाने के बाद परिवार ने उसकी तलाश की और पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान नाबालिग को बरामद किया गया और मेडिकल परीक्षण समेत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। मामले में पुलिस जांच के बाद आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में प्रकरण अदालत में पेश किया गया था।
अदालत ने पीड़िता को हुई शारीरिक और मानसिक क्षति तथा पुनर्वास की आवश्यकता को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायपुर से 5 लाख रुपए प्रतिकर देने की अनुशंसा भी की है। सुनवाई के दौरान आरोपी ने आरोपों से इनकार किया था, जबकि बचाव पक्ष ने उसकी उम्र और पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने का हवाला दिया। साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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