रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित सूरजपुर मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को सजा का ऐलान कर दिया। अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है, जबकि चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को आजीवन कारावास दिया गया है। कोर्ट ने इससे पहले चारों आरोपियों को हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में दोषी ठहराया था। अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ बताते हुए अधिकतम सजा की मांग की थी। अदालत के इस फैसले के साथ अक्टूबर 2024 में सामने आए इस सनसनीखेज मामले में न्यायिक प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव पूरा हो गया।
मामला अक्टूबर 2024 का है, जब सूरजपुर में एक हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और उसकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। आरोप के मुताबिक, महिला के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की गई और नाबालिग बेटी को भी धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया। दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर बरामद हुए थे। घटना से पहले मुख्य आरोपी का पुलिसकर्मियों से विवाद और धमकी देने की बात सामने आई थी। वारदात के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई जगह दबिश दी और उस पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का भी आरोप लगा। बाद में उसे बलरामपुर से गिरफ्तार किया गया। घटना के बाद सूरजपुर में भारी आक्रोश और प्रदर्शन देखने को मिला था। अब कोर्ट के फैसले के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।
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