छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चार्जिंग नेटवर्क को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत प्रमुख मार्गों और हाईवे पर निर्धारित दूरी के भीतर चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। नए नियमों में चार्जिंग सेंटर के लिए सड़क की चौड़ाई और जमीन से जुड़े मानक भी तय किए गए हैं। किसी एक सेंटर पर कम से कम दो चार्जर लगाने होंगे, जबकि लंबी दूरी के सफर पर निकलने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों और भारी वाहनों के लिए फास्ट चार्जिंग की सुविधा अलग-अलग स्थानों पर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।



प्रदेश में फिलहाल इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग स्टेशन सीमित होने के कारण नेटवर्क विस्तार की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में नए चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जाएंगे। केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता के जरिए बिजली से जुड़ी आधारभूत संरचना और चार्जिंग उपकरणों पर खर्च किया जाएगा। नए स्टेशन शुरू करने से पहले फायर और सुरक्षा विभागों से अनुमति लेना जरूरी होगा। वहीं, भूमि विकास नियमों में बदलाव के साथ CNG केंद्रों और इमारतों में डिजिटल संचार सुविधा को लेकर भी नए प्रावधान शामिल किए गए हैं।