छत्तीसगढ़ में रेल से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल स्थित झारसुगुड़ा पैसेंजर यार्ड में बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण और नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) का काम किया जाएगा। इसके चलते छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली करीब 50 से 52 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें अलग-अलग तारीखों में प्रभावित रहेंगी। 27 नवंबर से 17 दिसंबर 2026 के बीच कई ट्रेनों को रद्द किया जाएगा, जबकि कुछ के रूट बदले जाएंगे और कुछ ट्रेनें अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचेंगी। इसका असर छत्तीसगढ़ के साथ ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के यात्रियों पर पड़ सकता है।
रेलवे के मुताबिक, यार्ड में सिग्नल सिस्टम, पटरियों और आधुनिक तकनीकी उपकरणों को जोड़ने के लिए यह काम तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इस दौरान साउथ बिहार एक्सप्रेस दुर्ग और राउरकेला के बीच नहीं चलेगी, जबकि गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर का परिचालन बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच बंद रहेगा। उत्कल एक्सप्रेस बदले हुए मार्ग से चलेगी और पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस 14 दिसंबर को दो घंटे की देरी से रवाना होगी। रेलवे का प्री-एनआई कार्य 27 नवंबर से 14 दिसंबर, मुख्य एनआई ब्लॉक 15 दिसंबर और पोस्ट-एनआई कार्य 16 व 17 दिसंबर को प्रस्तावित है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी गई है कि टिकट बुक करने या स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें। इसके लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट NTES या हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क किया जा सकता है।

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