
दिल्ली-एनसीआर में मानसून ने पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को राजधानी और आसपास के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली। तापमान में 7 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई और सुबह की ठंडी हवाओं ने मौसम को बेहद सुहाना बना दिया। हालांकि, बारिश के साथ कई जगहों पर जलभराव और लंबा ट्रैफिक जाम भी देखने को मिला। आईटीओ, मिंटो ब्रिज, धौला कुआं, द्वारका, आश्रम चौक, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख मार्गों पर वाहन घंटों रेंगते रहे। वहीं, सदर बाजार में जलभराव इतना ज्यादा हुआ कि कई दुकानों में सीवर का पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर के लिए आज येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। सफदरजंग मौसम केंद्र में 24 घंटे के दौरान 105.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.3 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जबकि 12 जुलाई के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश के पीछे कई मौसमीय सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के आगरा और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ग्वालियर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अलावा उत्तरी पाकिस्तान में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आ रही नमी भरी हवाएं लगातार मानसूनी गतिविधियों को मजबूत कर रही हैं। यही वजह है कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। फिलहाल लोगों को सलाह दी गई है कि बारिश और जलभराव को देखते हुए घर से निकलने से पहले मौसम और ट्रैफिक की जानकारी जरूर जांच लें।







