
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें 6 लोगों की मौत हुई है, जबकि 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद NDRF और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुट गईं। करीब 80 फीसदी मलबा हटाया जा चुका है और मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए सर्च ऑपरेशन जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था और वहां जलभराव भी हुआ था, जिसे हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है।

हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर NDRF अधिकारियों से जानकारी ली और कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। आसपास की खतरनाक इमारतों को खाली कराया गया है और बगल की अस्थिर इमारत को भी गिराने की तैयारी है। वहीं दिल्ली नगर निगम ने चार मंजिल से अधिक के अवैध निर्माणों को तत्काल सील करने और नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

वहीं मामले में पुलिस ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। सत्य निकेतन हादसे को लेकर हॉस्टल मालिक आनंद बंसल के भाई हरिराम बंसल समेत अन्य के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, लापरवाही और अन्य धाराओं में FIR दर्ज की गई है। MCD ने हादसे वाली गली में मौजूद जर्जर इमारतों को भी नोटिस जारी किया है। अब सवाल सिर्फ यह नहीं कि इमारत क्यों गिरी, बल्कि यह भी है कि अगर निर्माण या बेसमेंट में काम नियमों के खिलाफ चल रहा था तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं हुई।





