
कानपुर। सीएसजेएमयू में एमएससी केमिस्ट्री (फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर) कोर्स के जरिए युवाओं को परफ्यूम, एरोमा और फ्लेवर इंडस्ट्री में करियर के अवसर दिए जा रहे हैं, जहां उन्हें परफ्यूम निर्माण से लेकर एरोमा फॉर्मूलेशन और इंडस्ट्री ट्रेनिंग तक का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। इस दो वर्षीय कोर्स में सीमित 15 सीटें हैं और देश-विदेश की कंपनियों में इंटर्नशिप व रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह बातें शनिवार को नोडल अधिकारी डॉ इंद्रेश कुमार शुक्ल ने कही।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ बेसिक साइंस के केमिस्ट्री विभाग और भारत सरकार के फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर कन्नौज के संयुक्त प्रयास से एमएससी केमिस्ट्री (फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर) परास्नातक कोर्स संचालित किया जा रहा है। यह देश का एकमात्र ऐसा पाठ्यक्रम है, जो इस क्षेत्र में विशेषज्ञता के साथ परास्नातक डिग्री प्रदान कर रहा है।
इस कोर्स में कुल 15 सीटें निर्धारित हैं और इसकी वार्षिक फीस एक लाख दो सौ रुपये है। प्रवेश के लिए रसायन शास्त्र या वनस्पति शास्त्र में स्नातक अथवा केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक अनिवार्य है। दो वर्षीय इस पाठ्यक्रम के पहले वर्ष में विश्वविद्यालय परिसर में बेसिक केमिस्ट्री की पढ़ाई और प्रायोगिक कार्य कराए जाते हैं, जबकि दूसरे वर्ष के दोनों सेमेस्टर कन्नौज स्थित फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर केंद्र में संचालित होते हैं।
कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को परफ्यूम बनाने की कला, परफ्यूम कंपोजिशन, प्राकृतिक तरीकों से आवश्यक तेल निकालना, एरोमा फॉर्मूलेशन, इत्र निर्माण, कॉस्मेटिक और फूड इंडस्ट्री के लिए सुगंध व स्वाद विकसित करना, गुणवत्ता परीक्षण, ब्रांड विकास और मार्केटिंग की विस्तृत जानकारी दी जाती है। साथ ही कच्चे माल से सुगंधित उत्पाद तैयार करने की पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।




