
महासमुंद/रायपुर : छत्तीसगढ़ में चर्चित चावल वाले बाबा ज्योतिषाचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री की जमानत ख़ारिज हो गई है| बताया जाता है,कि अदालत में केस डायरी जमा नहीं होने के चलते ज्योतिषाचार्य को कोई राहत नहीं मिल पाई है| सूत्रों के मुताबिक,महासमुंद की अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष पूरे समय केस डायरी का इंतज़ार करता रहा| लेकिन,निराशा उनके हाथ लगी|

अभियोजन पक्ष अपनी दलीलों के साथ,जिरह करता रहा| आख़िरकर दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद अदालत ने ज्योतिषाचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री की जमानत ख़ारिज कर दी है | यह भी बताया जाता है,कि अब बचाव पक्ष जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने की तैयारी में है|

”सुख के सब साथी दुःख में ना कोय”! विधायक और मंत्री भी नहीं आए काम
सुख में सब अपने, संकट में कोई नहीं ! दुष्कर्म केस में फंसे ज्योतिषाचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री के मामले को रामायण की इसी चौपाई से जोड़कर देखा जा रहा है | कथावाचक नरेंद्र शास्त्री की सनातन सभा में अक्सर विधायक और मंत्री से लेकर कई नामी-गिरामी अफसर भी नजर आया करते थे | इनमें से कई लोगों पर ज्योतिषाचार्य की भविष्यवाणी और समस्याओं से उबारने की तरकीब से उन्हें राहत भी मिली थी|

यह भी बताया जाता है,कि सत्ताधारी बीजेपी हो या फिर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस,दोनों ही दलों के गलियारों में नरेंद्र शास्त्री की सियासी पकड़ काफी मजबूत है| कई विधायक,कई मंत्री और नेता उनकी चरण वंदना करने में पीछे नहीं रहते,बावजूद इसके मुसीबत के दौर में ज्योतिषाचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री अलग-थलग पड़ते नजर आ रहे है| उनके करीबियों की माने तो,संकट की इस घड़ी में विधायक-मंत्री भी काम नहीं आए| दुष्कर्म मामले में नरेंद्र नयन शास्त्री की विधिक सहायता के लिए केस डायरी समय पर अदालत में जमा कराने के मामले तक में नेताओं की बेरुखी सामने आई|उनकी सहायता के लिए किसी ने भी अपने हाथ आगे नहीं बढ़ाए|

नतीजतन, जिला अदालत में उनकी जमानत पर ब्रेक लग गया| उनके मुताबिक,केस डायरी के अभाव में नरेंद्र नयन शास्त्री की अर्जी अदालत ने खारिज कर दी| ज्योतिषाचार्य और उनके समर्थको के लिए सियासी संपर्क कोई काम नहीं आया| फ़िलहाल,दुष्कर्म केस में फंसे नरेंद्र शास्त्री को निचली अदालत से कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है| बताते है,कि बचाव पक्ष में अब हाई कोर्ट की राह पकड़ ली है |







