
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज शनिवार को उस समय हलचल मच गई, जब राज्य की आपराधिक जांच विभाग (CID) की एक टीम तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास ‘शांतिनिकेतन’ पहुंची। हरीश मुखर्जी रोड स्थित उनके घर पर हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।जानकारी के अनुसार, CID के चार अधिकारी शनिवार दोपहर अभिषेक बनर्जी के आवास पहुंचे।

अधिकारियों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला। बाद में घर के भीतर से एक व्यक्ति बाहर आया और उसने बताया कि अभिषेक बनर्जी घर पर मौजूद नहीं हैं। अधिकारियों ने उसकी जानकारी दर्ज की और वापस लौट गए। एहतियात के तौर पर आवास के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।सूत्रों के मुताबिक, CID की यह कार्रवाई विधानसभा में विपक्ष के नेता के समर्थन से जुड़े एक पत्र की जांच का हिस्सा है। उस पत्र में किए गए कुछ हस्ताक्षरों की सत्यता पर सवाल उठाए गए हैं। विधानसभा सचिवालय को संदेह है कि कुछ हस्ताक्षर फर्जी हो सकते हैं।

इसी संबंध में दस्तावेजों के सत्यापन और पूछताछ के लिए CID की टीम अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची थी।जब CID की टीम उनके घर पहुंची, तब अभिषेक बनर्जी कोलकाता के बेलेघाटा क्षेत्र में मौजूद थे। वे हाल ही में चुनावी हिंसा में जान गंवाने वाले तृणमूल कार्यकर्ता विश्वजीत पटनायक के परिवार से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।तृणमूल कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।पार्टी नेताओं का आरोप है कि केंद्र और विपक्षी दलों के दबाव में एजेंसियों का इस्तेमाल कर अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले भी विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया है और अब नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब वे सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में नहीं आए, तो CID की कार्रवाई से भी डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के दबाव या नोटिस से वे झुकने वाले नहीं हैं और राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगे।




