
इस साल 14 सितंबर का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इसी दिन हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी दोनों पर्व मनाए जाएंगे। पंचांग के अनुसार सुबह करीब 7:06 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी शुरू हो जाएगी। ऐसे में महिलाएं सुबह हरतालिका तीज का व्रत और पूजन करेंगी, जबकि चतुर्थी शुरू होने के बाद गणपति स्थापना की जाएगी।

गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा स्थापना और पूजा के लिए सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक शुभ समय बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए इसी अवधि में गणपति पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं हरतालिका तीज की पूजा प्रदोष काल में करने की परंपरा है। इस दौरान महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना कर सुखी वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।

पंचांग के मुताबिक चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे से शुरू होकर 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। गणेश चतुर्थी के दिन सुबह 9:06 बजे से रात 8:04 बजे तक चंद्रमा देखने से बचने की धार्मिक मान्यता है। 15 सितंबर को हरतालिका व्रत का पारण और ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाएगा, जबकि गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ होगा।







