
रायपुर : झूठ कितना भी शोर मचाए,सच हमेशा सामने आ ही जाता है, एक बार फिर कांग्रेस का झूठ टिक नहीं पाया। दरअसल,छत्तीसगढ़ सब इंस्पेक्टर परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थी ”हे राम, तुफैल, न्यूज़” और भक्त प्रह्लाद सोशल मीडिया के जरिए सामने आए और उन्होंने कांग्रेस के झूठ और दुष्प्रचार का पर्दाफाश करते हुए अपने नाम सही होने का दावा किया| उनका कहना है,कि SI भर्ती परीक्षा को लेकर कांग्रेस द्वारा युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है|

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के प्रीलिम्स रिजल्ट पर सियासत तेज देखी जा रही है| जहाँ कुछ अभ्यर्थियों के नामों को लेकर बवाल मचा हुआ है। लोक सेवा आयोग द्वारा जारी की गई मेरिट लिस्ट में स्पेस रानी, न्यूज, हे राम और भक्त प्रह्लाद जैसे नाम के छात्रों का सिलेक्शन हुआ है।अभ्यर्थियों के नाम सामने आने बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने X पोस्ट के जरिए SI भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए | आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है,कि ये नाम उम्मीदवारों ने खुद ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के दौरान भरे गए थे और इन लिस्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने का दावा भी किया|

इधर,छत्तीसगढ़ सब इंस्पेक्टर की परीक्षा में पास होने वाले ‘हे राम’,भक्त प्रह्लाद, ‘Tufail’ और न्यूज़ नाम के अभ्यर्थियों ने अपने नाम सही होने की पुष्टि की। उन्होंने वीडियो जारी कर बताया कि उनके नाम सही हैं। उनके नाम में किसी त्रुटि के कारण अब रिकॉर्ड में यही नाम दर्ज हैं। रायगढ़ के एक युवक ने भी वीडियो जारी कर खुद का नाम ‘NEWS’ बताया है। उसने बताया, कि उसका पूरा नाम न्यूज कुमार प्रधान है,लेकिन 10वीं की मार्कशीट में उसका सरनेम किसी कारण से दर्ज नहीं हो पाया था,जिसके बाद से ही 12वीं, कॉलेज और आधार कार्ड में भी उसका नाम ‘News’ ही दर्ज है। अभ्यर्थी तुफैल ने भी बताया,कि उनका यही नाम है। इसलिए उन्होंने इस नाम से आवेदन किया था। अभ्यर्थियों का यह भी कहना है, कि मार्कशीट में जो नाम था उसी के आधार पर आवेदन किया गया था। किसी को भी उनके अजीब नाम से परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उधर,भर्ती परीक्षाओं पर भ्रम फैलाने वाली कांग्रेस पार्टी का असली चेहरा अब बेनकाब बताया जा रहा है| फिलहाल, SI भर्ती परीक्षा को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। कांग्रेस के आरोपों के बीच चयनित अभ्यर्थियों की सफाई और CGPSC के आधिकारिक स्पष्टीकरण ने मामले की तस्वीर ने सब कुछ साफ दिया है। अब देखना गौरतलब होगा, कि इस मुद्दे पर सियासत आगे और कितना तूल पकड़ती है।






