
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए. इस दौरान पीएम मोदी ने 3,000 से ज्यादा छात्रों को डिग्रियां दी गईं. छात्रों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, जैसे आज आपके परिवार गर्व महसूस कर रहे हैं, वैसे ही मुझे भी आप सभी पर गर्व है. PM मोदी ने आगे कहा, “कई स्टूडेंट्स को उनकी उपलब्धियों के लिए मेडल मिले हैं. मैं आप सभी को दिल से बधाई देता हूं. हालांकि, अगर उनमें कुछ और लड़कियां होतीं तो और भी अच्छा होता. सॉरी. सिर्फ एक या दो क्यों? और भी होनी चाहिए थीं.”
“कैंपस लाइफ आपको याद आएगी”
पीएम ने कहा, “जब-जब जीवन आपको पीछे मुड़कर देखने का अवसर देगा, तो यह कैंपस लाइफ आपको याद आएगी. आप अपनी हर सफलता में यहां के प्रोफेसर्स, माहौल आदि को याद करेंगे. इसलिए यहां से हर चीज को एसेट के तौर पर साथ लेकर निकलना और भूल मत जाना. मेरा आग्रह होगा कि जाते-जाते यहां के हर सदस्य से मिलकर जाएं और कोशिश करिएगा कि यह रिश्ता हमेशा ताजा बना रहे. आज आप ऐसे समय में इस संस्थान से निकल रहे हैं, जब दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है. आज दुनिया के रणनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं”.
“जो सीखेगा, वह जीतेगा”
पीएम ने कहा, सबसे बड़ी चीज तकनीक की स्पीड है. आज कोई भी निश्चित तौर पर यह नहीं कह सकता कि अगले 20 से 30 साल बाद दुनिया कैसी होगी. जब-जब बदलाव आता, तो चुनौतियां भी आती हैं. हर कुछ बदल रहा है और प्रोफेशन बदल रहे हैं, अवसर बदल रहे हैं. पर मेरी यह बात ध्यान रखिए कि जो सीखेगा, वह जीतेगा. जो नई चुनौतियों का नए समाधान खोजने का साहस रखेगा, उसके लिए चैंलेंज चांस बन जाएंगे.
“छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दीजिए बड़ी चुनौती”
पीएम मोदी ने अपने संबोधिन में आगे कहा, निश्चित रूप से अकादमिक डिग्री और स्कोर का अपना महत्व है. लेकिन मुझे लगता है कि आपकी डिग्री दुनिया को यह बताती है कि आप कठिन समस्याओं का समाधान करना जानते हैं. आप आईआईटी दिल्ली के अपने सफर को याद कीजिए. यहां तक पहुंचना आसान नहीं था और यहां की पढ़ाई भी आसान नहीं थी. लेकिन आपने हार नहीं मानी. यह डिग्री आपको एक दिन में नहीं मिली. एक-एक विषय और एक-एक प्रोजेक्ट, मिड सेमेस्टर और एंड सेमेस्टर जैसे छोटे-छोटे कदमों ने आपको यहां तक पहुंचाया है. जीवन भी इसी सिद्धांत से चलता है. जब कोई चुनौती बहुत बड़ी लगे तो उससे घबराइए मत. उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दीजिए.
“कैंपस का जीवन सबसे बेहतर”
पीएम ने कहा, “कैंपस का जीवन और उसके बाहर का जीवन अलग होता है. आईआईटी की परीक्षा में सिलेबस होता है, लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ आउट ऑफ सिलेबस होता है. कैंसप लाइफ में सारे फंडे क्लियर होते थे. क्या पढ़ना है और कौन सा असाइनमेंट पूरा करना है. सब कुछ पहले से तय होता है. लेकिन जिंदगी अलग तरीके से चलती है. वहां न कोई तय कोर्स होता है और न असाइनमेंट होता है”.“जीवन में उत्सुकता बनाए रखिए”
“कई बार तो कोई यह भी नहीं बताता कि असली सवाल क्या था. मैंने आईआईटी के अनेक अलुमनाई की यात्रा को देखा है. उनकी सफलता का राज यह था कि उन्होंने सही सवालों को पहचाना. उन्होंने उन सवालों को माना और फिर समाधान खोजा. ऐसी समस्याएं जिनसे लोग समझौते कर चुके थे. इसलिए जीवन में उत्सुकता बनाए रखिए और सीखने की ललक बनाए रखिए. चेतना बनाए रखिए. जो बातें बिना सोचे समझे स्वीकार कर ली जाती हैं, उन्हें परखिए और उन पर सवाल उठाइए. उनका समाधान खोजने का साहस भी रखिए. यही सोच आपकी अलग पहचान बनाता है”.




